Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में 'मुरासु' तूफान ने रोकी रफ्तार, 120 KM की रफ्तार से चलीं हवाएं, ट्रेनें और 30 से ज्यादा फ्लाइट रद्द

Cyclone Murasu: चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार किया। इस दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। तूफान के कारण रेल और हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनें व उड़ानें रद्द कर दी गई हैं

अपडेटेड Nov 03, 2026 पर 10:44 AM
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चक्रवाती तूफान के खतरे का असर रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है (Photo: Canva)

चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी और अब ये तूफान तट को पार कर चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तूफान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया रात करीब 1 बजे शुरू हुई। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। इसकी वजह से समुद्र तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। तूफान के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं तूफान की वजह से राज्या का यातायात भी प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनें और फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है।

फ्लाइट और ट्रेनें हुई रद्द

चक्रवाती तूफान के खतरे का असर रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए दक्षिण तटीय रेलवे ने 9 ट्रेनें रद कर दी हैं। इसके चलते विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर और तेनाली के रेल मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, खराब मौसम की वजह से 30 से ज्यादा उड़ानें भी रद करनी पड़ीं। इनमें विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से चलने वाली 19 घरेलू उड़ानें और चेन्नई एयरपोर्ट की 11 उड़ानें शामिल हैं। ये फैसला खराब मौसम के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


120 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा

IMD के अनुसार, चक्रवाती तूफान मुरासु का असर 3 नवंबर की रात करीब 1 बजे से ही तटीय इलाकों में दिखने लगा था। तूफान का बाहरी हिस्सा समुद्र तट तक पहुंच गया था और इसका मुख्य हिस्सा भी तट के काफी करीब आ गया था। इस वजह से ओंगोल और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मंगलवार तड़के करीब 1:30 बजे यह तूफान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में मौजूद था। उस समय यह ओंगोल से 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से 70 किलोमीटर दक्षिण में था। तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी थीं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि बुधवार सुबह तक तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकते हैं।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में हो रही तेज बारिश

मौसम विभाग ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में अगले 12 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इसके साथ ही समुद्र में सामान्य से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में तूफानी लहरों का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। चक्रवाती तूफान मुरासु का असर आसपास के इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। पुडुचेरी में आधी रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। तूफान के बाहरी हिस्से से उठने वाले बारिश वाले बादल उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों तक पहुंच गए हैं। इसके कारण इन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है।

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