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Cyclone Murasu: डिप्रेशन में बदल जाएगा चक्रवात मुरासू! IMD ने इन राज्यों में 3 से 8 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया

मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Nov 03, 2026 पर 2:10 PM
Cyclone Murasu: डिप्रेशन में बदल जाएगा चक्रवात मुरासू! IMD ने इन राज्यों में 3 से 8 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया
चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया

Cyclone Murasu: चक्रवात मुरासू का असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार 3 नवंबर को दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। हालांकि इसके असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, केरल और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 8 नवंबर तक अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है।

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासू, 110 किमी प्रति घंटे तक चली हवा

IMD के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासू मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। यह ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से गुजरा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही जबकि कुछ समय के लिए हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। मौसम विभाग का अनुमान है कि मुरासू उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होगी। 3 नवंबर को दोपहर तक यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।

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