दिल्ली के गांवो के अर्बनाइजेशन को लेकर बड़ी खबर आ रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राजधानी के 48 और गांवों को अर्बनाइजेशन क्षेत्र में शामिल करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही दिल्ली के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सभी 357 गांवों को शहरीकरण की प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है। इनमें से 309 गांवों को पहले ही शहरी क्षेत्र का दर्जा दिया जा चुका है। दिल्ली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) ने फरवरी में और दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति ने मई में इन गांवों के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
48 गांवों को होगा अर्बनाइजेशन
सीएम ऑफिस के एक बयान के अनुसार, बाकी 48 गांवों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने की मंजूरी भी मिल चुकी है। सरकार के मुताबिक, इससे गांवों में सड़क, सीवर और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी। वहीं गांवों को अर्बनाइजेशन में शामिल करने से वहां तुरंत निर्माण कार्य शुरू नहीं होंगे और न ही जमीन के इस्तेमाल में अपने आप बदलाव होगा। इसके लिए संबंधित कानूनों का पालन करना, स्वीकृत योजनाओं के तहत मंजूरी लेना और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि, गांवों के शहरीकरण से विकास कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे सड़कों, सीवर व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की योजना बनाने में आसानी होगी। उन्होंने ये भी कहा कि अर्बनाइजेशन के साथ गांवों की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
बढ़ाई गई स्वास्थ्य विभाग में काम करने वालों की सैलरी
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले करीब 4,000 मल्टी-टास्किंग कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी जारी की। निगम आयुक्त संजीव खिरवार के मुताबिक, अब इन कर्मचारियों को हर महीने 28,800 रुपये वेतन मिलेगा। इसमें सातवें वेतन आयोग के तहत 18,000 रुपये का न्यूनतम मूल वेतन और महंगाई भत्ता शामिल है।