दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया है। शनिवार को शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 366 दर्ज किया गया। शनिवार को दिल्ली में हवा की हालत काफी खराब रही। शहर का औसत AQI 366 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब स्तर पर है। प्रदूषण को कम करने के लिए GRAP-3 की पाबंदियां लागू की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। दिल्ली के लोगों को अभी भी जहरीली हवा से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आइए जानते हैं कहां पर हैं कितना प्रदूषण
देश की राजधानी में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक है। राजधानी के 22 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। सबसे ज्यादा प्रदूषण IIT इलाके में रहा, जहां AQI 442 तक पहुंच गया। वहीं पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 427, जहांगीरपुरी में 421 और रोहिणी में 418 रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली के बवाना में AQI 411, DTU में 408, नरेला में 408 और अलीपुर में 402 दर्ज किया गया। इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को जहरीली हवा में सांस लेनी पड़ रही है।
वहीं, दिल्ली से सटे NCR के शहरों में भी प्रदूषण का असर देखने को मिला। नोएडा में AQI 284 और गाजियाबाद में 286 रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 355 और फरीदाबाद में 347 रहा। यानी NCR के कई शहरों में भी लोगों को खराब हवा के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अधिकारियों ने GRAP-3 के तहत सख्ती बढ़ा दी है। हवा को साफ रखने और धूल-धुएं पर रोक लगाने के लिए कई तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके तहत जरूरी न होने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम बंद रहेंगे। साथ ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाली पुरानी गाड़ियों के चलने पर भी रोक लगाई गई है। इसके अलावा स्टोन क्रशर और खनन से जुड़े कामों को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।
प्रदूषण कम करने के लिए प्रशासन ने कुछ और कदम भी उठाए हैं। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई की जाएगी और धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में बिना जरूरत आने वाले मध्यम और भारी डीजल मालवाहक वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। वहीं, दूसरे राज्यों से आने वाली डीजल बसों को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, BS-VI या इससे बेहतर मानक और साफ ईंधन से चलने वाली बसों को इस रोक से छूट दी गई है।
प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन
प्रदूषण फैलाने वाले ईंट भट्ठों और हॉट-मिक्स प्लांट को भी बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन छोटे बच्चों को खराब हवा से बचाने के लिए प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन करवा सकता है। इन सभी पाबंदियों का मुख्य उद्देश्य गाड़ियों के धुएं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना है। त्योहारों के दौरान दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं।