दिल्ली में 164 दर्ज हुआ AQI, हवा की क्वॉलिटी अभी मॉडरेट, उधर कालिंदी कुंज में यमुना पर फिर दिखा जहरीला झाग

दिल्ली में सोमवार सुबह AQI 164 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी में है, लेकिन जहांगीरपुरी समेत 5 इलाकों में हवा अब भी खराब है। सबसे ज्यादा प्रदूषण जहांगीरपुरी में 246 AQI रहा। वहीं कालिंदी कुंज में यमुना में फिर से सफेद झाग दिखने से प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अपडेटेड Oct 26, 2026 पर 9:39 AM
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कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में फिर से दिखी सफेद झाग की मोटी परत। वहीं दूसरी ओर दिल्ली में AQI 164 दर्ज, जहांगीरपुरी की हवा सबसे ज्यादा खराब।

नई दिल्ली: दिल्ली में सोमवार सुबह हवा में थोड़ा सुधार देखने को मिला, लेकिन कई इलाकों में अब भी प्रदूषण देखा जा सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार 26 अक्टूबर सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 164 रहा, जो ‘मध्यम’ कैटेगरी में आता है। हालांकि जहांगीरपुरी समेत 5 जगहों पर हवा अब भी ‘खराब’ रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय ठंडी हवाओं और हल्की धूप के कारण प्रदूषक कण थोड़े कम हुए हैं, लेकिन शाम होते-होते वाहनों के धुएं और पराली के असर से AQI फिर से बढ़ सकता है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के 60 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 55 का डेटा मिला है। इनमें से 30 जगहों पर PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक रहा।

जहांगीरपुरी की हवा सबसे ज्यादा जहरीली


दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI का लेवल अलग-अलग रहा। सबसे ज्यादा प्रदूषण जहांगीरपुरी में देखा गया।

सबसे प्रदूषित 5 इलाके:

  • जहांगीरपुरी: 246
  • विवेक विहार: 235
  • CRRI मथुरा रोड: 231
  • पंजाबी बाग: 225
  • आरके पुरम: 223

इन पांचों जगहों पर हवा ‘खराब’ रही। जहांगीरपुरी, विवेक विहार, पंजाबी बाग और आरके पुरम में PM2.5 और CRRI मथुरा रोड में PM10 ज्यादा मिला।

यमुना में फिर लौटा सफेद झाग, बढ़ी टेंशन

दिल्ली-NCR में हवा के साथ-साथ यमुना का प्रदूषण भी बढ़ रहा है। कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में फिर से सफेद झाग की मोटी परत देखी गई है। रविवार को दिल्ली-NCR का AQI 168 तक पहुंच गया था। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 110 से लेकर 180 के पार तक दर्ज किया गया था।

प्रदूषण रोकने के लिए 21 अक्टूबर से GRAP का पहला चरण लागू

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए CAQM ने 21 अक्टूबर से GRAP-1 लागू किया है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट और खुले ढाबों के तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर रोक है। डीजल जनरेटर का इस्तेमाल सिर्फ जरूरी और इमरजेंसी कामों के लिए ही किया जा सकता है।

यमुना की सफाई पर फिर उठ रहे हैं सवाल

कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की सफाई के कामों की तारीफ की थी और 9,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को दिल्ली के लिए बड़ी उपलब्धि बताया था। कालिंदी कुंज में फिर से झाग दिखने से सफाई के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। हवा की खराब क्वालिटी और यमुना में झाग दोनों से साफ है कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है।

कुल मिलाकर दिल्ली की हवा में मामूली सुधार जरूर हुआ है, पर खतरा अभी टला नहीं है। जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में AQI अब भी खराब श्रेणी में है और यमुना में फिर से झाग दिखना चिंता बढ़ा रहा है। GRAP-1 लागू होने के बाद भी हालात में बड़ा सुधार नहीं दिख रहा, ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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