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दिल्ली IGI एयरपोर्ट की इंटरनेशनल क्षमता बढ़ेगी, नया Pier E बनेगा, 2030 तक क्या है पूरा प्लान?

दिल्ली IGI एयरपोर्ट की कैपेसिटी 10.4 करोड़ से बढ़ाकर 12.5 करोड़ से ज्यादा करने की तैयारी है। T3 पर नया Pier E बनेगा, T1 की कैपेसिटी बढ़ेगी और एयरपोर्ट के आसपास ट्रैफिक सुधारने के लिए फ्लाईओवर व सड़क विस्तार की योजना है।

Roopali Sharmaअपडेटेड Oct 05, 2026 पर 11:25 AM
दिल्ली IGI एयरपोर्ट की इंटरनेशनल क्षमता बढ़ेगी, नया Pier E बनेगा, 2030 तक क्या है पूरा प्लान?
दिल्ली IGI एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, नया Pier E बनेगा, T1 में भी होंगे बदलाव

नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) की सालाना पैसेंजर कैपेसिटी अगले चार साल में 10.4 करोड़ से बढ़ाकर 12.5 करोड़ से ज्यादा करने की तैयारी है। इसमें इंटरनेशनल पैसेंजर को संभालने की क्षमता 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ाई जाएगी। इसके लिए T3 पर नया इंटरनेशनल Pier E बनाया जाएगा। वहीं T1 में बिना बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव के चेक-इन और सिक्योरिटी काउंटर बढ़ाए जाएंगे। इंटरनेशनल ट्रैफिक बढ़ने को देखते हुए T3 के Pier C को भी घरेलू से इंटरनेशनल ऑपरेशन के लिए बदला गया है। इसे सितंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया और इसके बाद इंटरनेशनल पैसेंजर कैपेसिटी करीब 3.1 करोड़ सालाना हो गई है। यहां इमिग्रेशन और दूसरी इंटरनेशनल सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, जिससे बड़े और वाइड-बॉडी विमानों को संभालने में भी मदद मिलेगी।

T3 पर बनेगा नया Pier E

• नए Pier E की सालाना कैपेसिटी करीब 1.6 करोड़ पैसेंजर की होगी। इसके बनने के बाद T3 की टोटल कैपेसिटी 5 करोड़ से बढ़कर 6.6 करोड़ पैसेंजर सालाना हो जाएगी।

• योजना में करीब 4.6 करोड़ इंटरनेशनल और 2 करोड़ घरेलू पैसेंजर को संभालने की क्षमता होगी। इससे T3 पर बढ़ते हवाई ट्रैफिक को संभालने में मदद मिलेगी।

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