Delhi Protest News: "यह 'शक्तियों के पृथक्करण' का उल्लंघन होगा..."; चीफ जस्टिस सूर्यकांत कांग्रेस नेताओं से क्यों नहीं मिलेंगे? समझिए

Delhi Protest News: सूत्रों ने बताया है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलने का अनुरोध ठुकरा दिया है। विपक्षी नेता चीफ जस्टिस के साथ कथित 'वोट चोरी' और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़ी अपनी चिंताओं पर चर्चा करना चाहते थे

अपडेटेड Oct 12, 2026 पर 8:30 AM
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Delhi Protest News: राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता आज सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने वाले हैं

Delhi Protest News: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्याकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने के अनुरोध को कथित तौर पर अस्वीकार कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि CJI सूर्यकांत ने कथित 'वोट चोरी' के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने कथित 'वोट चोरी' और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर अपनी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए CJI से मुलाकात का समय मांगा था। हालांकि, शीर्ष सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में कहा गया है कि चीफ जस्टिस ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। वे उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसमें कथित 'वोट चोरी' रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, वोटर लिस्ट के एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को रोकने और पुन: मतपत्र सिस्टम पर लौटने की मांग की गई थी।

CJI ने क्या कहा?


सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि CJI सूर्यकांत ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

टाइम्स ऑफ इंडिया कीरिपोर्ट के मुताबिक, CJI सूर्याकांत ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ख[]गे और राहुल गांधी के अनुरोध पर ईमेल के जरिए जवाब दिया। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि CJI ने कहा कि समान मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं और इस पर मुलाकात करना शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के अनुरूप नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, CJI कार्यालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले में उसकी कोई प्रशासनिक भूमिका नहीं है। संविधान के तहत CJI की भूमिका न्यायिक है और संबंधित मुद्दों पर फैसला अदालत को कानूनी प्रक्रिया के जरिए करना है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का सुझाव

सूत्रों के मुताबिक, CJI ने अपने जवाब में कहा कि संबंधित व्यक्ति या राजनीतिक दल अपनी शिकायतों को सामने रखते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं। ऐसी याचिका पर अन्य समान मामलों के साथ न्यायिक पक्ष में विचार किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई को प्राथमिकता देना और देश के नागरिकों की सेवा करना अदालत की प्रतिबद्धता है।

इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे 'चलो दिल्ली- लोकतंत्र के लिए मार्च' का नाम दिया। मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा कि वे दोपहर डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड चौराहे पर एकत्र होंगे।

आज फिर मुलाकात का अनुरोध कर सकती है कांग्रेस !

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस सोमवार को एक बार फिर CJI से मुलाकात का अनुरोध कर सकती है। पार्टी की योजना सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा था कि पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी। खड़गे ने कहा कि वह और राहुल गांधी CJI को पत्र लिख चुके हैं।

उन्होंने बताया कि सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय निर्धारित करने का अनुरोध किया गया था, ताकि उन्हें मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जा सके। खड़गे ने आरोप लगाया कि देश में अराजकता जैसी स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे CJI से किसी तरह की मांग थोपना नहीं चाहते, बल्कि अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराकर हस्तक्षेप का अनुरोध करना चाहते हैं।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और युवाओं का एक समूह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। उन्होंने X पर कहा, "कल देश के युवा दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। वे अपने दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, बल्कि प्रेम लेकर आये थे। पुलिसकर्मियों और BJP के गुंडों ने उनकी पिटाई की। हम ऐसा भारत नहीं चाहते।"

गांधी ने पोस्ट में कहा, "कल हम भारतीय के रूप में उच्चतम न्यायालय तक मार्च करेंगे। इस मार्च में हम राजनीतिक दल, जेंडर, जाति, समुदाय और राज्य के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होंगे। युवा, सभी विपक्षी दल, नागरिक समाज के संगठन और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले तथा भारत के संविधान के साथ खड़े सभी लोग हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे।" उन्होंने कहा कि वे पूरे देश की ओर से प्रधान न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें 'वोट चोरी' पर रोक लगाने, एसआईआर की प्रक्रिया रोकने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी।

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