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UP News: शमशाद कोमा में गए फिर हो गई मौत पर पत्नी परवीन जहां उनके SBI बचत खाते से नहीं निकाल पाई पैसे! अब हाई कोर्ट ने बैंक, RBI से पूछी ये बात

मामला उस स्थिति से जुड़ा है, जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी के कारण कोमा में चला जाता है और बाद में उसकी मौत हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में उसके बैंक खाते में जमा रकम को लेकर परिजनों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। परिवार को इलाज का खर्च उठाने, रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने और मृतक से जुड़े अन्य खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है, लेकिन खाते से रकम निकालने की प्रक्रिया में कानूनी अड़चनें आ सकती हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 23, 2026 पर 10:38 AM
UP News: शमशाद कोमा में गए फिर हो गई मौत पर पत्नी परवीन जहां उनके SBI बचत खाते से नहीं निकाल पाई पैसे! अब हाई कोर्ट ने बैंक, RBI से पूछी ये बात
Allahabad High Court: इलाज के बाद भी परिवार को राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है

UP News: उत्तर प्रदेश में मरीजों के इलाज और सरकारी सहायता से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने कोमा में गए मरीज की मौत के बाद उसके खाते में जमा पैसे को परिजनों को देने में आ रही समस्या पर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि मरीज की मौत के बाद भी उसके परिजनों का असहाय बने रहना चिंताजनक है। अदालत ने इस मामले में स्पष्ट कानूनी व्यवस्था या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की गाइडलाइन की जरूरत पर जोर दिया है, ताकि ऐसी परिस्थितियों में परिवार को अपने ही हक के पैसे पाने के लिए परेशान न होना पड़े।

मरीज की मौत के बाद भी बैंक अकाउंट में फंसा रहा पैसा

यह मामला उस स्थिति से जुड़ा है, जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी के कारण कोमा में चला जाता है और बाद में उसकी मौत हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में उसके बैंक खाते में जमा रकम को लेकर परिजनों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। परिवार को इलाज का खर्च उठाने, रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने और मृतक से जुड़े अन्य खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है। लेकिन खाते से रकम निकालने की प्रक्रिया में कानूनी और प्रशासनिक अड़चनें आ सकती हैं।

हाईकोर्ट ने इसी समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में स्पष्ट नियम होने चाहिए। अदालत के मुताबिक, यह तय होना जरूरी है कि मरीज के कोमा में जाने या मृत्यु होने के बाद उसके खाते में जमा धनराशि उसके वैध आश्रितों तक किस प्रक्रिया से पहुंचेगी।

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