Dollar Vs Rupee : बुधवार, 14 अक्टूबर को भारतीय रुपया एक महीने से ज्यादा अवधि के अपने सबसे मज़बूत लेवल पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा में सट्टेबाजी को रोकने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कई उपायों और गवर्नर संजय मल्होत्रा के मनीकंट्रोल को दिए गए इस बयान के बाद कि करेंसी में मजबूती लाने के लिए और कदम उठाए जा सकते हैं,रुपये में यह बढ़त देखने को मिली है। मनीकंट्रोल के साथ एक खास बातचीत में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सेंट्रल बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाज़ी को रोकने के लिए और कदम उठाने को तैयार है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.4 प्रतिशत बढ़कर 94.9125 पर पहुंचा
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 0.4 प्रतिशत बढ़कर 94.9125 पर पहुंच गया। रुपया आज एशिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है। इस हफ्ते रुपये में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त हुई है। भारतीय करेंसी पर दबाव कम करने के लिए सेंट्रल बैंक की कोशिशों के चलते यह पिछले हफ्ते के निचले स्तर से उबरती नजर आई है।
विदेशी मुद्रा पर लगाई गई पाबंदियों से विदेशी निवेश पर असर नहीं
इस बातचीत में संजय मल्होत्रा ने आगे कहा कि RBI के पास कई तरह के उपाय मौजूद हैं और अगर स्ट्टेबाजी जारी रहीं तो वह कार्रवाई करने में हिचकिचाएगा नहीं। उन्होंने यह भी साफ किया कि हाल ही में विदेशी मुद्रा पर लगाई गई पाबंदियां 'कैपिटल कंट्रोल' के उपाय नहीं हैं। इनसे विदेशी निवेशकों को भारत में पैसा लाने या अपना निवेश वापस ले जाने में कोई बाधा नहीं आएगी।
सट्टेबाजी से निपटने के लिए आरबीआई ने उठाए कदम
RBI ने 10 अक्टूबर से कई कदम उठाए हैं,जिनमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एक खास विंडो के जरिए अपनी डॉलर की जरूरतें पूरी करने का निर्देश देना,करेंसी हेज के लिए नियमों को सख़्त करना और कुछ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव ट्रांज़ैक्शन पर कैश रिजर्व की अनिवार्यता लागू करना शामिल हैं।
सेंट्रल बैंक ने रद्द किए गए फॉरेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की रीबुकिंग पर भी रोक लगा दी है और बिना अंडरलाइंग एक्सपोजर वाले ट्रांज़ैक्शन की लिमिट को 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दिया है।
मनीकंट्रोल के साथ हुए इंटरव्यू में मल्होत्रा ने कहा कि RBI ने पिछले कुछ महीनों में मार्केट में डॉलर खरीद में बहुत ज्यादा सट्टेबाज़ी होती देखी है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तो लगभग एक-तिहाई फॉरेक्स डेरिवेटिव ट्रेड उसी दिन बंद या रद्द किए जा रहे थे।
कच्चे तेल के भाव में तेजी, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ था, जिसके बाद ये कदम उठाए गए। 7 अक्टूबर को डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 96.8450 पर पहुंच गया था,जो इसके रिकॉर्ड निचले स्तर 96.96 के करीब है।
आरबीआई के फैसले के बाद इस हफ्ते रुपये में तेज रिकवरी आई। सोमवार को इसमें लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई और मंगलवार को भी यह बढ़त जारी रही।