कोलकाता: दुर्गा पूजा सिर्फ माँ की आराधना नहीं, बल्कि कला और इतिहास को दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस बार अपने 91वें साल में संतोष मित्रा स्क्वायर ने कुछ ऐसा किया है, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम और सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। इस बार का पंडाल देश की आजादी और बंटवारे के दर्द को समर्पित है।
नक्शे जैसा पंडाल, अंदर बंटवारे की पूरी कहानी
संतोष मित्रा स्क्वायर का पंडाल बाहर से देखने पर भारत के नक्शे के आकार का बना है। अंदर जाते ही आप 1947 में पहुंच जाते हैं।
पंडाल में 3 चीजें सबसे खास हैं:
1. बंटवारे वाली ट्रेन: पंडाल में 1947 के पलायन को दिखाती एक ट्रेन का मॉडल लगाया गया है, जिसमें सामान लेकर जाते लोगों के पुतले और स्पेशल इफेक्ट्स हैं। दीवारों पर बंटवारे के दौर की असली तस्वीरें लगी हैं।
2. लाल किले की झलक: पंडाल के अंदर लाल किले का रेप्लिका भी बनाया गया है।
3. स्वतंत्रता सेनानियों को नमन: पंडाल में खुदीराम बोस और मातंगिनी हाजरा जैसे बंगाल के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी गई है। साथ ही कोलकाता को समर्पित एक दीवार पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा लगाई गई है।
लाइट-साउंड शो में दिखेगी आजादी की यात्रा
यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक शानदार लाइट-एंड-साउंड शो भी रखा गया है, जो देश की आजादी की पूरी यात्रा और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को दिखाता है। पंडाल में एंट्री कमल थीम से होती है, जहां भारत माता और भगवान शिव की झलक दिखती है, जबकि अंदर माँ दुर्गा की प्रतिमा अपने पारंपरिक और दिव्य रूप में विराजमान हैं।
बता दें, महालया के दिन ईडन गार्डन्स में दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत पर भव्य जश्न मनाया गया, जिसमें ड्रोन शो, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर लाइट शो ने कोलकाता वासियों का दिल जीत लिया। इस दौरान मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और रोशनी व तकनीक के शानदार नजारे का आनंद लिया। पूरे आयोजन में दुर्गा पूजा का उत्साह देखने को मिला।