दुर्गा पूजा पर ईस्टर्न रेलवे का राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों को तोहफा, कंबल की जगह मिलेंगे फूलों वाले कंफर्टर, जानें इसमें क्या होगा खास

Howrah-New Delhi Rajdhani Express: दुर्गा पूजा के दौरान अगर आप हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर करने वाले हैं, तो आपके सफर का अनुभव पहले से ज्यादा आरामदायक हो सकता है। दरअसल, त्योहार के मौसम में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए पूर्वी रेलवे ने एक नई पहल की है।

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 12:12 PM
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दुर्गा पूजा पर राजधानी एक्सप्रेस के यात्रियों को तोहफा, कंबल की जगह मिलेंगे फूलों वाले कंफर्टर

Howrah-New Delhi Rajdhani Express: दुर्गा पूजा के दौरान अगर आप हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर करने वाले हैं, तो आपके सफर का अनुभव पहले से ज्यादा आरामदायक हो सकता है। दरअसल, त्योहार के मौसम में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए पूर्वी रेलवे ने एक नई पहल की है। इसके तहत फर्स्ट एसी कोच में मिलने वाले सामान्य कंबलों की जगह अब फूलों के डिजाइन वाले कंफर्टर दिए जाएंगे।

रेलवे की यह सुविधा 11 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है। इसका मकसद लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों को ज्यादा आराम देना और ट्रेन में मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

ईस्टर्न रेलवे के मुताबिक, नए कंफर्टर से फर्स्ट AC सर्विस का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के सफर का अनुभव और भी शानदार हो जाएगा। फूलों के डिजाइन वाले इन कंफर्टर को शुरू करने का मकसद यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ साफ-सफाई का भी ध्यान रखना है।


हर राउंड ट्रिप के बाद कम्फर्टर धोए और सैनिटाइज किए जाएंगे

ईस्टर्न रेलवे ने कहा है कि साफ-सफाई बनाए रखने और यात्रियों को साफ-सुथरे बिस्तर देने के लिए, फूलों के डिजाइन वाले कम्फर्टर को हर राउंड ट्रिप के बाद धोया और सैनिटाइज किया जाएगा। इस कदम में साफ-सफाई पर खास जोर दिया गया है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर एयर-कंडीशंड कोच में दिए जाने वाले कंबल के इस्तेमाल और उनकी सफाई को लेकर रेल यात्रियों ने ध्यान दिलाया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नई सुविधा हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में शुरू की गई है। इस ट्रेन को कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है।

कंबलों की साफ-सफाई के लिए रेलवे मंत्रालय की पहले की पहल

यह कदम रेलवे मंत्रालय की उस पहल के बाद उठाया गया है, जिसके तहत एसी कोच में यात्रियों को दिए जाने वाले कंबलों की सफाई से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की कोशिश की गई थी। पिछले साल मंत्रालय ने एक पायलट योजना शुरू की थी। इसके तहत यात्रियों को अलग-अलग कवर वाले कंबल देने की व्यवस्था की गई थी। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि यात्रियों की लंबे समय से शिकायत थी कि ट्रेन में मिलने वाले कंबलों को चादर और तकिए के कवर जितनी बार नहीं धोया जाता।

आमतौर पर चादर और तकिए के कवर को हर यात्रा के बाद धोया जाता है, जबकि कंबलों की धुलाई महीने में केवल एक या दो बार ही होती रही है। अब पूर्वी रेलवे ने हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में फूलों के डिजाइन वाले कंफर्टर शुरू किए हैं। इन्हें हर राउंड ट्रिप के बाद धोने और सैनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है। इससे ट्रेन में मिलने वाले बिस्तर की सफाई और गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस: ​​इतिहास और रूट

हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, जिसे कोलकाता राजधानी एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है, कोलकाता को देश की राजधानी से जोड़ती है। भारतीय रेलवे के इतिहास में इसका खास महत्व है क्योंकि यह देश की पहली राजधानी एक्सप्रेस थी, जिसने 3 मार्च 1969 को अपनी पहली यात्रा की थी।

जब यह सेवा शुरू हुई थी, तो यह पेरंबूर में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बने नौ वैक्यूम-ब्रेक वाले कोच के साथ चलती थी। शुरुआती रेक में दो पावर कार, पांच AC चेयर कार, एक AC डाइनिंग कार और एक फर्स्ट AC कोच शामिल थे। दशकों में इस ट्रेन में कई बड़े सुधार किए गए हैं और अब यह लिंके-हॉफमैन-बुश (LHB) कोच के साथ चलती है, जिन्हें यात्रियों के आराम और ट्रेन के अंदर की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

ईस्टर्न रेलवे द्वारा दी गई कोच संरचना के अनुसार, इस ट्रेन में अभी 22 LHB कोच हैं: दो फर्स्ट AC कोच, छह AC 2-टियर कोच, 11 AC 3-टियर कोच, एक पैंट्री कार और दो पावर कार-कम-लगेज वैन।

यह ट्रेन अपने रूट के हिसाब से अलग-अलग ट्रेन नंबरों के साथ चलाई जाती है:

  • गया के रास्ते: हावड़ा से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन का नंबर 12301 है, जबकि नई दिल्ली से हावड़ा आने वाली ट्रेन का नंबर 12302 है।
  • पटना के रास्ते: हावड़ा से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन का नंबर 12305 है, जबकि नई दिल्ली से हावड़ा आने वाली ट्रेन का नंबर 12306 है।

दुर्गा पूजा के त्योहार को देखते हुए पूर्वी रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए यह नई पहल की है। फूलों के डिजाइन वाले कंफर्टर इस ट्रेन में शुरू की गई नई सुविधाओं में शामिल हैं। रेलवे का मकसद त्योहार के दौरान सफर करने वाले यात्रियों को पहले से ज्यादा आरामदायक अनुभव देना है।

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