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Eastern-Western Freight Corridor: 6 साल में 20 गुना बढ़ी माल ढुलाई,रोजाना दौड़ रहीं 440 मालगाड़ियां! जानिए कैसे लॉजिस्टिक्स का सुपरहब बना न्यू दादरी

न्यू दादरी स्टेशन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) का यह इंटरचेंज स्टेशन अब केवल भारी उद्योगों के माल परिवहन तक सीमित नहीं है। पिछले छह वर्षों में यहां से मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 13, 2026 पर 6:03 PM
Eastern-Western Freight Corridor: 6 साल में 20 गुना बढ़ी माल ढुलाई,रोजाना दौड़ रहीं 440 मालगाड़ियां! जानिए कैसे लॉजिस्टिक्स का सुपरहब बना न्यू दादरी
पिछले छह वर्षों में यहां से मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच स्थित न्यू दादरी स्टेशन देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) का यह इंटरचेंज स्टेशन अब केवल भारी उद्योगों के माल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-कॉमर्स और आम उपभोक्ताओं से जुड़े पार्सल कारोबार में भी अपनी भूमिका निभा रहा है। पिछले छह वर्षों में यहां से मालगाड़ियों के परिचालन में करीब 20 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इससे देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और वितरण केंद्रों के बीच माल की आवाजाही को नई गति मिली है।

22 से बढ़कर 440 ट्रेनें प्रतिदिन

न्यू दादरी स्टेशन पर मालगाड़ियों के परिचालन में आई वृद्धि इसकी बढ़ती उपयोगिता को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 में यहां औसतन 22 ट्रेनें प्रतिदिन संचालित होती थीं। वर्ष 2021-22 में यह संख्या बढ़कर 64 तक पहुंच गई। वर्ष 2022-23 में 170 ट्रेनें प्रतिदिन दर्ज की गईं, जबकि 2023-24 में परिचालन में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2024-25 में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 358 ट्रेनें प्रतिदिन हो गईं। वर्ष 2025-26 में आंकड़ा 406 ट्रेनों तक पहुंचा, जबकि 2026-27 में अब तक औसतन 440 ट्रेनों के प्रतिदिन परिचालन का उल्लेख किया गया है। इस तरह छह वर्षों में स्टेशन की परिचालन क्षमता और माल ढुलाई गतिविधियों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर का अहम जोड़

न्यू दादरी की भौगोलिक स्थिति इसे विशेष महत्व देती है। यह स्टेशन ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो लुधियाना से दानकुनी तक माल परिवहन को जोड़ता है, और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बीच महत्वपूर्ण इंटरचेंज का काम करता है। इसके माध्यम से उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाला माल पश्चिमी बंदरगाहों और देश के अन्य प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) और गुजरात के मुंद्रा व पीपावाव बंदरगाहों से आने-जाने वाले आयात-निर्यात कंटेनर, औद्योगिक सामान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी खेप इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। इससे उद्योगों को माल की आवाजाही के लिए एक वैकल्पिक और अधिक व्यवस्थित रेल नेटवर्क मिलता है।

भारी उद्योगों के साथ ई-कॉमर्स को भी सहारा

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