नई दिल्ली। अगर आप पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। चुनाव आयोग ने Form 6 भरने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। जिन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR यानी Special Intensive Revision की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए वोटर्स को अब अपने माता-पिता या दादा-दादी की पुरानी वोटर लिस्ट से जुड़ी जानकारी नहीं देनी होगी।
Form 6 का इस्तेमाल पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है। SIR के दौरान आयोग ने इसमें एक अतिरिक्त डिक्लेरेशन जोड़ दिया था, जिसमें आवेदक से अपने परिवार के पुराने वोटर रिकॉर्ड की डिटेल मांगी जा रही थी। अब जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां यह अतिरिक्त डिक्लेरेशन जरूरी नहीं रहेगा।
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभी जारी है, वहां नए वोटर्स को Form 6 के साथ SIR वाला डिक्लेरेशन देना होगा। इसमें पुरानी वोटर लिस्ट से अपने परिवार के संबंध की जानकारी देनी होती है। यानी SIR पूरा होने तक इन जगहों पर अतिरिक्त प्रक्रिया जारी रहेगी।
इन 20 राज्यों में मिल गई राहत
चुनाव आयोग के मुताबिक बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है। यहां युवा, पहली बार वोट देने वाले और वे लोग जिनका नाम SIR में छूट गया है, लगातार अपडेट होने वाली प्रोसेस में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Form 6 को लेकर उठे सवालों पर EC की सफाई
Form 6 में अतिरिक्त डिक्लेरेशन को लेकर सवाल उठने के बाद चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को सफाई दी। आयोग ने कहा कि SIR और Form 6 से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ आयुक्तों ने नियमों में बदलाव किए बिना Form 6 में अतिरिक्त जानकारी जोड़ने पर सवाल उठाए थे। EC ने स्पष्ट किया कि यह डिक्लेरेशन केवल SIR वाले राज्यों में प्रोसेस का हिस्सा था, सामान्य Form 6 का स्थायी हिस्सा नहीं है।
अब SIR पूरा होने वाले राज्यों में नए वोटर्स के लिए Form 6 की प्रोसेस अब पहले के मुकाबले आसान होगी। चुनाव आयोग ने Form 6 को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अब नए वोटर्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया SIR के हिसाब से तय होगी और अतिरिक्त डिक्लेरेशन को लेकर उठे सवालों पर भी आयोग ने अपनी बात रखी है।