देश के सबसे बड़े कथित वित्तीय और टैक्स धोखाधड़ी मामलों में से एक में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। म्यांमार बॉर्डर से लेकर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े बहुचर्चित कथित 'अभिषेक टैक्स' (गुंडा टैक्स) और करीब 1500 करोड़ रुपये के विदेशी सुपारी (अरेका नट) तस्करी व मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अवैध नेटवर्क की तहकीकात के दौरान कई केंद्रीय और राज्य कर अधिकारियों यानी GST और CGST के कई भ्रष्ट अधिकारी भी अब जांच के सीधे दायरे में आ चुके हैं, जिससे टैक्स महकमे में हड़कंप मच गया है।
