ED News: केंद्रीय जांच एजेंसी ED यानी प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Enforcement) के रडार पर एक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री आ गए हैं। इसके बाद जांच एजेंसी के तफ्तीश कर्ता काफी सतर्कता से मामले का दायरा आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये मामला पूर्व मंत्री से संबंधित एक बैंक अकाउंट से "पूर्व मुख्यमंत्री" को दिए करीब 30 लाख रुपये से जुड़ा कनेक्शन है। इसके बारे में शुरूआती जांच के दौरान पूछा गया तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि उस 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन को लेकर दिया गया जवाब की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में आ गया, जिसके बाद यह मामला अब अलग कि दिशा में यानी "पूर्व मुख्यमंत्री" के लिए परेशानी का सबब बनता हुआ दिखाई दे रहा है। इसलिए पूर्व मंत्री से जांच एजेंसी पहले पूछताछ करेगी। उसके बाद ये भी संभावना है कि "पूर्व मुख्यमंत्री " को भी पूछताछ के लिए सम्मन भेजा जा सकता है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री को क्यों दिए गए 30 लाख रुपये
दरअसल, जांच एजेंसी द्वारा एक पूर्व मंत्री से जुड़े उसके कई करीबियों के यहां सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उसी सर्च ऑपरेशन के दौरान कई ऐसे दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया गया था। उसी दौरान कुछ ऐसे सबूत जांच एजेंसी के हाथ लगे कि जांच कर्ता ने तत्काल प्रभाव से अपने सीनियर अधिकारियों को सूचित किया।
इसके बाद उनके नेतृत्व में जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मामले में हालांकि जांच एजेंसी अधिकारी औपचारिक तौर पर कोई जवाब नहीं दे रहे हैं या ना तो इस खबर की पुष्टि या खंडन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम लोग तफ्तीश कर रहे हैं। फिलहाल हमलोग तफ्तीश की प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही जांच एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा औपचारिक तौर पर कुछ कंफर्म किया जाएगा।
तत्कालीन मुख्यमंत्री ने लिखे थे "गीत " ...उसी के लिए हमने दिया 30 लाख रुपये
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की शुरूआती तफ्तीश के दौरान पूर्व मंत्री के द्वारा ये बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के अंदर एक विशेष कलाकार, गीतकार का गुण है। उसी गुण को हमने पहनाना और उनसे अनुरोध किया था एक गीत लिखने के लिए। उसके बाद उन्होंने हमारे लिए एक गीत लिखा था। उसी के लिए उन पैसों का भुगतान किया गया था।
हमारे एक संस्था द्वारा उन्हें कुछ समय अंतराल में करीब 30 लाख रुपये प्रदान किया था, जो उनके व्यक्तिगत बैंक अकाउंट में भेजा गया था। हालांकि जब जांच एजेंसी के तफ्तीश कर्ता ने उस गीत से जुड़े जानकारी मांगा तो तत्कालीन मंत्री जी ने कहा कि वो गीत हमें तत्कालीन मुख्यमंत्री जी ने सोशल मीडिया एप्प whatsapp पर लिखकर भेजा था। लेकिन गलती से डिलीट हो चुका है।
हालांकि ये कहानी तो जांच एजेंसी के तफ्तीश कर्ता के लिए वाकई में एक फिल्मी कहानी है। जिसकी जांच में जांच एजेंसी के कई "डायरेक्टर " (जांच एजेंसी के joint Director, Deputy Director और Assistant Director) जुट गए हैं, जो इस मामले की पड़ताल में जुटे हुए हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ बड़ा खुलासा होने की संभावना है।