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अब SIR के लिए नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर! चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

आयोग के मुताबिक, जिन वोटरों के रिकॉर्ड पुराने डेटा से जुड़ नहीं पाए हैं या जिनकी जानकारी में कोई गड़बड़ी मिली है, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामलों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) वोटर के घर जाकर जरूरी कागजात देखेंगे

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 26, 2026 पर 7:37 PM
अब SIR के लिए नहीं लगाने होंगे ऑफिस के चक्कर! चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं की मदद के लिए खास इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने शनिवार को वेरिफिकेशन प्रक्रिया में कुछ बदलावों का ऐलान किया। आयोग ने कहा कि इन कदमों का मकसद वोटरों के लिए जांच और जरूरी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। ये फैसला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक में लिया गया। आयोग के मुताबिक, इन बदलावों का मकसद मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड की जांच और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने में ज्यादा सुविधा देना है।

नहीं लगाना होगा BLO के चक्कर

आयोग ने कहा कि जिन वोटरों का रिकॉर्ड पुराने डेटा से मैच नहीं हो रहा है या जानकारी में कोई गलती है, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए ऑफिस जाने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे लोगों के घर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) जाएंगे, जरूरी दस्तावेज लेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। इससे वोटरों के लिए पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी। चुनाव आयोग के नए नियमों के तहत सुनवाई की जरूरत केवल जरूरी मामलों में ही होगी और कोशिश रहेगी कि इसे ऑनलाइन पूरा किया जाए। अगर वोटर खुद मौजूद नहीं हो सकता, तो उसकी ओर से परिवार का कोई अधिकृत सदस्य भी सुनवाई में शामिल हो सकेगा।

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