केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर स्काई बस (Sky Bus) जैसी नई ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी को चर्चा में ला दिया है। 1 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर स्काई बस का वीडियो शेयर किया। इससे पहले अक्टूबर 2023 में वह संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में uSky के टेस्ट और सर्टिफिकेशन सेंटर गए थे, जहां उन्होंने इस तकनीक की टेस्ट राइड भी ली थी।
यह सामान्य बस या मेट्रो से अलग तरह का ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। इसमें वाहन सड़क पर चलने के बजाय जमीन से ऊपर बने एक खास ट्रैक पर चलते हैं। इसका मकसद सड़क के ऊपर एक अलग रास्ता तैयार करना है, ताकि पैसेंजर और सामान लाने-ले जाने के लिए जमीन पर नई सड़क बनाने की जरूरत कम हो।
कैसे काम करती है स्काई बस?
ट्रैफिक वाले शहरों के लिए क्यों है खास?
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरों में सड़क पर ट्रांसपोर्ट की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक और जगह की परेशानी भी सामने आती है। ऐसे में जमीन के ऊपर अलग रास्ता बनाकर ट्रांसपोर्ट चलाने का तरीका भी एक ऑप्शन माना जा रहा है। गडकरी ने 2023 में Sky Bus को भीड़ और पॉल्यूशन कम करने वाली अर्बन ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशन बताया था।
भारत में पहले भी हो चुका है Sky Bus पर काम
भारत में Sky Bus का विचार नया नहीं है। IIT बॉम्बे की जानकारी के मुताबिक, पहले भी SkyBus Metro पर काम हुआ था। इसमें ऊंचे ट्रैक पर कोच लटकाकर चलाने का प्लान था। यह काम कोंकण रेलवे और IIT बॉम्बे से जुड़ा था। लेकिन अभी जिस uSky टेक्नोलॉजी की बात हो रही है, वह अलग है। इसमें जमीन से ऊपर बने ट्रैक पर इलेक्ट्रिक पॉड चलते हैं।
इस टेक्नोलॉजी को बड़े शहरों में शुरू करने से पहले सुरक्षा, खर्च, रखरखाव और इसे बड़े लेवल पर चलाने जैसी चीजों पर ध्यान देना होगा। फिलहाल शारजाह में uSky के टेस्ट और सर्टिफिकेशन सेंटर पर इस टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग की जा रही है। यहां इसकी जांच और प्रदर्शन भी किया जाता है।