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UPI पर MDR लगाने को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का पहला बयान, कहा- ये न तो टैक्स न ही सेस, बताया कहां जाएगा पैसा

UPI MDR Charges Row: UPI चार्ज पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का पहला बयान सामने आया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह ₹2000 से कम के ट्रांजैक्शन पर MDR लागू नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह न तो कोई टैक्स है और न ही सेस। यह सर्विस प्रोवाइडर द्वारा सिस्टम को बेहतर बनाने और बेहतर सर्विस देने के लिए लगाया जाने वाला चार्ज है। उन्होंने कहा कि यह चार्ज छोटे ट्रांजैक्शन के लिए नहीं है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 22, 2026 पर 9:33 AM
UPI पर MDR लगाने को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन का पहला बयान, कहा- ये न तो टैक्स न ही सेस, बताया कहां जाएगा पैसा
UPI MDR Charges Row: वित्त मंत्री सीतारमन ने साफ कहा कि एमडीआर न तो कोई टैक्स है और न ही सेस है

UPI MDR Charges Row: ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ट्रांज़ैक्शन चार्ज लगाने को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पहला बयान सामने आया है। वित्त मंत्री ने साफ किया है कि MDR का बोझ आम UPI यूजर्स पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि MDR न तो टैक्स है और न ही सेस। उन्होंने कहा कि यह सरकार द्वारा वसूली जाने वाली रकम भी नहीं है। बल्कि पेमेंट सिस्टम से जुड़े बैंकों और सेवा प्रदाताओं के बीच बांटी जाने वाली राशि है।

₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं

नए UPI फ्रेमवर्क के तहत ₹2,000 तक के P2M (Person-to-Merchant) लेन-देन पर MDR नहीं लगेगा। वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P पेमेंट किसी भी राशि का हो, वह मुफ्त रहेगा। सरकार के मुताबिक करीब 96 फीसदी P2M ट्रांजैक्शन भी प्रभावित नहीं होंगे। ₹2,000 से अधिक के निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। इसके अलावा ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

'ग्राहक पर नहीं पड़ेगा बोझ'

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