गाजियाबाद में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) दो अहम परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है। योजना के तहत जीटी रोड पर करीब 2 किलोमीटर लंबी चार लेन की एलिवेटेड रोड और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और ALH क्रॉसिंग के बीच एक रेलवे अंडरपास तैयार किया जाएगा। इन योजनाओं के लिए शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड और केंद्र के अर्बन चैलेंज फंड से पैसा लिया जाएगा। परियोजनाओं के जरिए सड़कों की धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, शहर में ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर बनाए जाएंगे, ताकि सर्दियों में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिल सके।
ये फैसला उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) की ओर से तैयार किए गए विंटर एक्शन प्लान के तहत लिया गया है। बोर्ड ने इस बार गाजियाबाद में प्रदूषण के नौ संवेदनशील इलाकों की पहचान की है, जबकि पिछले साल ऐसे सात इलाके थे। इनमें साहिबाबाद, राज नगर एक्सटेंशन, लोनी, भोपरा-दिल्ली बॉर्डर, सिद्धार्थ विहार-कनावनी पुश्ता रोड, विजय नगर, साउथ साइड जीटी रोड, लाल कुआं, इंदिरापुरम और वसुंधरा-वैशाली शामिल हैं। UPPCB के मुताबिक, जनवरी-अगस्त 2026 में गाजियाबाद का औसत PM10 205 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो 2025 के 137 से ज्यादा है। इसी दौरान चार मॉनिटरिंग स्टेशनों पर औसत PM2.5 67 से बढ़कर 82 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया।
GDA के एक अधिकारी ने बताया कि, "शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से GDA के पास 272 करोड़ रुपये की राशि है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसे बढ़ाकर 322 करोड़ रुपये किए जाने की उम्मीद है। अधिकारी के मुताबिक, GT रोड एलिवेटेड रोड और गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से ALH क्रॉसिंग के बीच बनने वाले रेलवे अंडरपास के लिए इसी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों जगहों पर ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए इन प्रोजेक्ट्स को जरूरी माना जा रहा है।"
घंटाघर में रामलीला मैदान से भाटिया मोड़ तक करीब 2 किलोमीटर लंबी चार लेन की एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। इससे भाटिया मोड़, चौधरी मोड़ और घंटाघर जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही, अलीगढ़ की तरफ जाने वाले जीटी रोड पर भी वाहनों की आवाजाही आसान हो सकती है। इस प्रोजेक्ट का प्लान IIT रुड़की तैयार कर रहा है।
अधिकारी के मुताबिक, इस योजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें कुछ राशि अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड से ली जाएगी। अर्बन चैलेंज फंड के तहत किसी प्रोजेक्ट के लिए 25 फीसदी पैसा केंद्र सरकार, 25 फीसदी राज्य सरकार या शहरी निकाय और बाकी 50 फीसदी राशि बाजार से जुटाई जाती है। अधिकारियों के मुताबिक, GDA अपने हिस्से की रकम अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड से देगा। एलिवेटेड रोड के लिए इस फंड से 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि दूसरे प्रोजेक्ट यानी रेलवे अंडरपास के निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि, "गाजियाबाद रेलवे स्टेशन और ALH क्रॉसिंग के बीच दिल्ली-हावड़ा रूट पर रेलवे क्रॉसिंग की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। इस इलाके में लगातार ट्रैफिक रहने से वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी बढ़ रहा है। एक स्टडी के अनुसार, यहां करीब 2,293 पैसेंजर कार यूनिट का ट्रैफिक रहता है। इस समस्या को कम करने के लिए GDA ने रेलवे अंडरपास बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे रेलवे से मंजूरी मिल चुकी है। अब प्रोजेक्ट के आकलन के आधार पर अंडरपास के निर्माण में 12 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।"
शहर में प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने शुक्रवार को शहर में 25 ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए। इसके अलावा 20 अलग-अलग जगहों पर 100 और चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं।