G Munusamy : कभी जेब में सिर्फ 1 रुपया लेकर घर से निकले G Munusamy ने अपनी मेहनत से Business की दुनिया में बड़ी पहचान बनाई। साल 1962 में जब वह 15 साल की उम्र में Chennai पहुंचे, तब उनके पास न बड़ा Business था और न ही ज्यादा पैसे। लेकिन आगे बढ़ने की सोच ने उन्हें रुकने नहीं दिया।
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, Munusamy ने आगे चलकर Kaliswari Refinery की शुरुआत की, जो Gold Winner खाने के तेल के Brand के लिए जानी जाती है। उनकी कहानी बताती है कि छोटी शुरुआत से भी मेहनत और सही फैसलों से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
जेब में सिर्फ 1 रुपया लेकर पहुंचे थे G Munusamy
G Munusamy साल 1962 में महज 15 साल की उम्र में Chennai आए थे। उस समय उनके पास केवल 1 रुपया था। इतनी कम उम्र में घर से दूर आकर अपनी जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे-धीरे अपने लिए रास्ता बनाया।
ऐसे बना Gold Winner Brand
Munusamy की Company Kaliswari Refinery खाने के तेल के Business से जुड़ी है। इसी Company के तहत Gold Winner Brand Market में आया, जो घरों में रोज इस्तेमाल होने वाले Cooking Oil के लिए जाना जाता है।
रोजमर्रा की जरूरत के इस Market में अपनी जगह बनाने के लिए अच्छी Quality, ग्राहकों का भरोसा और मजबूत Distribution Network जरूरी होता है। Gold Winner ने इसी दम पर अपनी पहचान बनाई।
Kaliswari Refinery से मिली बड़ी पहचान
Kaliswari Refinery ही Gold Winner Brand के पीछे काम करने वाली Company है। Company ने खाने के तेल के Business में अपनी जगह बनाई और समय के साथ अपने Business को बड़ा किया। Munusamy की कहानी में सबसे खास बात उनकी शुरुआत और बाद में मिली सफलता के बीच का लंबा सफर है। एक रुपये से शुरू हुई उनकी कहानी आगे चलकर हजारों करोड़ रुपये के Business से जुड़ गई।
आज 6,000 करोड़ का है कारोबार
Munusamy के Business को करीब 6,000 करोड़ रुपये के Turnover से जोड़ा गया है। यह आंकड़ा उनके लंबे Business सफर और Gold Winner Brand की Market में पकड़ को दिखाता है।
मुनुसामी की कहानी बताती है कि बड़ी कामयाबी के लिए बड़ी डिग्री नहीं, बल्कि बड़ा हौसला चाहिए। जेब में सिर्फ 1 रुपये से शुरू हुआ उनका सफर आज 6,000 करोड़ के Gold Winner ब्रांड तक पहुंच गया है। ये हर युवा के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।