IMD Today Bulletin: इन राज्यों में आज फिर तेज हवाओं के साथ होगी भारी बारिश, यूपी-एमपी में गिरा पारा, दिवाली पर ऐसा रहेगा मौसम
IMD के 8 नवंबर के बुलेटिन के मुताबिक केरल और माहे के साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है।
IMD Weather Update: उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में आज यानी 8 नवंबर को भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पारा सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा नीचे चला गया है। मौसम के इस बदलाव के बीच दिवाली पर मौसम कैसा रहेगा, इसे लेकर भी लोगों की नजरें IMD के पूर्वानुमान पर हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के हिमालयी क्षेत्र में 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर डाल सकता है।
आज किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
IMD के 8 नवंबर के बुलेटिन के मुताबिक केरल और माहे के साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि IMD ने अपने इस बुलेटिन में मछुआरों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में ज्यादातर स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। वहीं रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में कई स्थानों पर बारिश हुई। देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।
इस दौरान तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। रामनाथपुरम जिले के पंबन और चेन्नई के नुंगमबक्कम में 6-6 सेंटीमीटर बारिश हुई। चेन्नई के मीनंबक्कम में 3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सलेम, कराईकल, रामनाथपुरम के टोंडी और नागपट्टिनम में 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।
दक्षिण भारत के दूसरे हिस्सों में भी बारिश दर्ज की गई। रायलसीमा के तिरुपति में 2 सेंटीमीटर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के बेंगलुरु में 1 सेंटीमीटर और तटीय आंध्र प्रदेश के कवाली तथा नेल्लोर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
यूपी-एमपी समेत कई राज्यों में सामान्य से नीचे पहुंचा तापमान
बारिश के बीच देश के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। IMD के 7 नवंबर के तापमान आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पारा सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा नीचे रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ स्थानों पर भी तापमान में इतनी ही गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा असम और मेघालय, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु सहित कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ स्थानों पर भी न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश में 9.9 डिग्री रहा सबसे कम न्यूनतम तापमान
IMD के मुताबिक भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश के मंडी में दर्ज किया गया। यहां पारा 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर गुजरात के दीसा में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा रहा।
दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम? 10 नवंबर से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
दिवाली के आसपास मौसम में बदलाव की संभावना के पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी अहम हो सकता है। IMD के मुताबिक 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर डाल सकता है। मौसम विभाग ने अपने मौजूदा बुलेटिन में इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाली बारिश या बर्फबारी का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान नहीं दिया है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि दिवाली के दिन उत्तर भारत के सभी इलाकों में बारिश होगी या मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर और उससे जुड़ा बारिश का पूर्वानुमान आने वाले बुलेटिन में अधिक स्पष्ट हो सकता है।
मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
IMD के मौसम विश्लेषण के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। पंजाब और उससे सटे हिमाचल प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र में पहुंच गया है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।
वहीं दक्षिण केरल और आसपास के क्षेत्र में मौजूद चक्रवाती परिसंचरण अब कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में स्थित है। यह करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। इसके अलावा पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्र में 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।कर्नाटक तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर में भी समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण अब कमजोर पड़ गया है।
इन मौसमी परिस्थितियों के बीच दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं उत्तर-पश्चिम हिमालयी क्षेत्र में 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम को प्रभावित कर सकता है।