केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE को नया चेयरपर्सन मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी मंदीप के. भंडारी को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरपर्सन बनाया है। जनकारी के मुताबिक, मंदीप के. भंडारी 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब करीब चार महीने पहले 12वीं आसंर शीट की जांच के लिए शुरू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर CBSE को सवालों और जांच का सामना करना पड़ा था।
इस मामले के बाद छात्रों की शिकायतों के साथ-साथ डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा, सिस्टम की खरीद और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच शुरू की गई।
सरकारी आदेश के मुताबिक, 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी मंदीप के भंडारी को शिक्षा मंत्रालय के तहत CBSE का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस पद को अस्थायी रूप से अपग्रेड कर भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी के बराबर रैंक और सैलरी दिया गया है। 25 सितंबर के ACC आदेश में मंदीप के भंडारी का नाम सरकार की मंजूरी वाले कई वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों के साथ शामिल था।
2026 में 12वीं की आसंर शीट में लागू किया था ये सिस्टम
बता दें कि, CBSE ने डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 2026 में 12वीं की आसंर शीट के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया था। इसमें छात्रों की कागजी कॉपियों को पहले स्कैन किया जाता था और फिर उनकी डिजिटल कॉपी इवैल्यूएटर्स को जांच के लिए उपलब्ध कराई जाती थी। CBSE ने शिक्षकों को नए सिस्टम की जानकारी देने के लिए पहले से ही मॉक एक्सरसाइज कराई थीं। बोर्ड ने OSM के इस्तेमाल को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। 2026 की शुरुआत में ही इस सिस्टम की तैयारी शुरू कर दी गई थी, जिसमें डिजिटल तरीके से कॉपियां जांचने के निर्देश, शिक्षकों की जानकारी जुटाना और मॉक इवैल्यूएशन जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं।
मंदीप के भंडारी 2001 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी हैं। CBSE चेयरमैन बनने से पहले वह जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने MBBS की पढ़ाई की है। अपने करियर के दौरान वह लेह और जम्मू के डिप्टी कमिश्नर समेत कई अहम पदों पर भी काम कर चुके हैं।
उन्हें जम्मू के डिविजनल कमिश्नर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है और जम्मू-कश्मीर प्रशासन में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है। केंद्र सरकार में उन्होंने जनवरी से सितंबर 2018 तक तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर सेवाएं दीं। इसके बाद वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर भी रहे। इससे पहले वो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO के पद पर भी काम कर चुके हैं।