आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच चिप्स को गर्म होने से बचाना टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। IIT मद्रास के पूर्व छात्र आकाश रामदास के AI स्टार्टअप ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। MoneyControl की रिपोर्ट के अनुसार, आकाश रामदास द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप Discovered Materials ने 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग हासिल की है। कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए नए और बेहतर मटेरियल की खोज में करेगी।
आकाश रामदास IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नए मटेरियल खोजने के लिए Discovered Materials की स्थापना की। उनका स्टार्टअप खास तौर पर सेमीकंडक्टर सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक - AI चिप्स की हीटिंग प्रॉब्लम पर काम कर रहा है।
क्या काम करता है Discovered Materials?
जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ज्यादा पावरफुल चिप्स की डिमांड भी बढ़ रही है। लेकिन इन हाई-पावर AI चिप्स के साथ एक बड़ी दिक्कत है ये चलने के दौरान बहुत ज्यादा गर्म हो जाती हैं। ज्यादा गर्म होने से चिप्स की परफॉर्मेंस गिर जाती है और कंपनियों को महंगे कूलिंग सिस्टम लगाने पड़ते हैं। इससे न सिर्फ बिजली की खपत बढ़ती है बल्कि डेटा सेंटर्स का खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है। Discovered Materials इसी समस्या का हल खोज रहा है। कंपनी AI प्लेटफॉर्म की मदद से ऐसे नए मटेरियल की खोज कर रही है जो गर्मी को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें।
AI से मटेरियल खोजने का तरीका क्या होगा?
पहले किसी नए मटेरियल को लैब में खोजने में सालों लग जाते थे। लेकिन Discovered Materials का AI मॉडल इस पूरी प्रोसेस को कई गुना तेज कर देता है। कंपनी का AI सिस्टम हजारों केमिकल कॉम्बिनेशन को वर्चुअली टेस्ट करके यह पता लगा लेता है कि कौन सा मटेरियल सबसे ज्यादा हीट-रेजिस्टेंट और परफॉर्मेंस के लिए बेहतर होगा। इससे रिसर्च का समय और लागत दोनों कम हो जाती है।
फंडिंग से कंपनी को क्या फायदा होगा?
कंपनी को मिली 9 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग से तीन बड़े काम होंगे:
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में AI चिप्स की डिमांड और भी ज्यादा बढ़ने वाली है, ऐसे में हीट मैनेजमेंट करने वाले मटेरियल की जरूरत भी बढ़ेगी। इस हिसाब से Discovered Materials का यह स्टार्टअप भविष्य की एक बड़ी जरूरत पर काम कर रहा है।