IMD Weather Update: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, आज दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश शुरू हो सकती है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिणी प्रायद्वीपीय इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की संभावना है। आइए जानते हैं आपके शहर को लेकर क्या है आईएमडी का अपडेट
इन राज्यों में होगी तेज बारिश
IMD के मुताबिक, 15 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ-साथ तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 17 और 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में और 15 व 16 अक्टूबर को रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, इस दौरान दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बचे हुए हिस्सों से भी धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।
दिल्ली में कैसा होगा मौसम
देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह भारी बारिश हुई है। वहीं बारिश से प्रदुषण और गर्मी से राहत मिली है। वहीं आने वाले दिनों में भी दिल्ली में बारिश के आसार है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में 12 से 15 अक्टूबर के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ जगहों पर झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर में 13 और 15 अक्टूबर, जबकि हिमाचल प्रदेश में 14 और 15 अक्टूबर को कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी यूपी में 11 से 16 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भारत में मानसून मुख्य रूप से दो तरह का होता है, जिनमें दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे अहम माना जाता है। ये आमतौर पर जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है और केरल के रास्ते देश में प्रवेश करने के बाद धीरे-धीरे अलग-अलग हिस्सों में पहुंचता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के मौसम और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद जरूरी है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ बारिश होती है, जिसका सीधा फायदा खेती-किसानी को मिलता है। खासकर खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसका असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है।
जानें क्या है लौटता हुआ मानसून
भारत में मानसून का दूसरा प्रमुख दौर उत्तर-पूर्वी मानसून कहलाता है, जिसे लौटता हुआ मानसून भी कहा जाता है। ये आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय रहता है और इसका असर खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय इलाकों में देखने को मिलता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की तुलना में इसकी बारिश कम होती है, लेकिन खेती के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है। उत्तर-पूर्वी मानसून से मिलने वाली बारिश दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पानी की जरूरत पूरी करती है और रबी फसलों की अच्छी बढ़त में भी मदद करती है।