IMD Weather Update: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के बाकी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसी के साथ कल यानी 15 अक्टूबर 2026 से दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा दौर शुरू होने वाला है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा है, हालांकि तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा दक्षिण कोमोरिन क्षेत्र से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा मध्य केरल और आसपास के हिस्सों में भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 16 से 20 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
केरल और माहे में 15 अक्टूबर को और 16 से 20 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 20 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 17 से 20 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 15 से 19 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत के इन तटीय और अंदरूनी जिलों में 14 से 20 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि उत्तरी हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश-बिहार की सीमा पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब और हरियाणा में 14 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश होगी। दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में आज और कल गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी चलने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 15 अक्टूबर को कुछ जगहों पर ओलावृष्टि, आंधी और भारी बारिश का दौर रहेगा। राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।
मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल
मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 14 से 20 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जिसमें कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 14 से 20 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 20 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।
पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में 14 से 20 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जबकि कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में इन दिनों उमस भरी गर्मी का असर बना रहेगा।