यूएन में भारत ने उड़ाई पाकिस्तान के झूठ की धज्जियां, भारतीय डिप्लेमैट त्यागी ने दी अपनी डूबती इकॉनमी पर ध्यान देने की नसीहत

संयुक्त राष्ट में कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाकर भारत के खिलाफ झूठा प्रोपेगैंडा फैलाने की पाकिस्तान की कोशिश को एक बार फिर करारा झटका लगा है। भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की नसीहत दी है।

अपडेटेड Sep 25, 2026 पर 4:57 PM
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भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने काउंसिल में भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार काउंसिल में कश्मीर पंडितों के पलायन का मुद्दा उठा कर भारत को घेरने की पाकिस्तान की कोशिश को एक बार फिर करारा झटका लगा है। काउंसिल में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को नसीहत दी और कहा कि वह बॉर्डर पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के बजाय अपनी देश की डूबती अर्थव्यवस्था पर ध्यान दे और सिर्फ बेलआउट पर ही निर्भर न रहे।

भारत ने गुरुवार को यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल में कश्मीर और भारत में अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की बातों पर कड़ा एतराज जताया। उसने इस्लामाबाद पर जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर गैर-कानूनी कब्जा करने का आरोप लगाया और उससे इलाका खाली करने को कहा। भारतीय डिप्लोमैट क्षितिज त्यागी ने काउंसिल में भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान से कहा कि वह इलाके पर कब्जा करने और बॉर्डर पार आतंकवाद को स्पॉन्सर करने के बजाय अपनी कर्ज में डूबी इकॉनमी और बेलआउट पर निर्भरता पर ध्यान दे।

त्यागी ने कहा, "क्योंकि पाकिस्तान को हर एजेंडा आइटम के तहत याद दिलाने की जरूरत लगती है, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। जम्मू-कश्मीर का एकमात्र हिस्सा जिस पर विदेशी कब्जा है, वह पाकिस्तान के पास है, जिसे हम फिर से खाली करने को कहते हैं।"

अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की बातों का जवाब दिया

त्यागी ने अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की बातों का जवाब देते हुए भारत की मुस्लिम आबादी और सार्वजनिक संस्थानों में प्रतिनिधित्व पर जोर दिया। साथ ही आरोप लगाया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय को बहुत अधिक जुल्म का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने आगे कहा, “भारत दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में से एक है, और हमारे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग वोट देते हैं, कानून बनाते हैं, सबसे बड़ी अदालत में बैठते हैं और हमारे इंस्टीट्यूशन को लीड करते हैं। पाकिस्तान में, आजादी के बाद से हिंदू, सिख और ईसाई समुदाय की आबादी बहुत कम हो गई है। उनकी बेटियों को किडनैप किया जाता है, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर शादी कर दी जाती है।


भारत ने कश्मीरी पंडितों के पलायन को याद किया

त्यागी ने 1990 में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि इसके लिए पाकिस्तान के समर्थन वाले आतंकवादी जिम्मेदार थे। पड़ोसी देश के दोहरे रवैये को सामने लाते हुए, क्षितिज त्यागी ने कहा, “काउंसिल को पाकिस्तान को यह बताने की जरूरत नहीं है कि 1990 में कश्मीरी पंडितों के साथ क्या हुआ था, जिन्हें पाकिस्तान के हथियारबंद, ट्रेंड और बॉर्डर पार भेजे गए आतंकवादियों ने उनके घरों से निकाल दिया था।”

उन्होंने कहा, "उन आतंकवादियों ने हर धर्म के कश्मीरियों को मारा है, जिनमें से कई मुस्लिम थे। जिस देश ने उन्हें प्रायोजित किया, वह अब इस काउंसिल से जांच की मांग कर रहा है। यह काउंसिल इस बात से अनजान नहीं रहेगी।"

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