India-Poland Relationship: भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा और गति देने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद अहम बयान सामने आए हैं। आपको बता दें कि पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ व्यापक और महत्वपूर्ण मुद्दों पर द्विपक्षीय चर्चा की। इस बातचीत के बाद जारी जॉइंट मीडिया स्टेटमेंट में पीएम नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि चाहे यूक्रेन का युद्ध हो या पश्चिम एशिया का तनाव, भारत शांति की बहाली के लिए किए जाने वाले हर सार्थक और ईमानदार प्रयास का लगातार समर्थन करता रहेगा। इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका की तारीफ करते हुए भारत को दुनिया के लिए आशा की किरण बताया है।
रक्षा, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में काम करेंगे दोनों देश
इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीति और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों ने अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। पीएम मोदी ने पोलैंड की प्रमुख तकनीकी और रक्षा कंपनियों को भारत में आमंत्रित करते हुए कहा कि इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में पोलिश कंपनियों के लिए भारत के साथ को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन करने के बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
रणनीतिक साझेदारी को मिली नई ताकत
पोलैंड के प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी 2024 की पोलैंड यात्रा का भी जिक्र किया। तब दोनों देशों के संबंधों को स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसी मजबूत आधार पर पिछले दो सालों में हमारी साझेदारी ने नई रफ्तार पकड़ी है और दोनों देश इस जुड़ाव को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड की बढ़ती आर्थिक ताकत ने दोनों देशों के लिए सहयोग के कई नए दरवाजे खोले हैं। इसके साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों देशों के व्यापारिक और आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे।
भारत दुनिया में आशा की किरण: पोलिश पीएम डोनाल्ड टस्क
इस दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भारत के इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और वैश्विक मंच पर निभाई जा रही नेतृत्वकारी भूमिका की सराहना की। पोलिश पीएम ने कहा कि इन मुश्किल वैश्विक समयों में भारत पूरी दुनिया के लिए आशा की एक किरण है। पीएम टस्क ने कहा कि हम भारत की महान परंपरा, इतिहास और अंतरराष्ट्रीय संदर्भ में भारत द्वारा निभाई जा रही वैश्विक भूमिका से बेहद प्रेरित हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नरेंद्र मोदी को अपना मित्र कहते हुए गर्व की अनुभूति होती है।
द्वितीय विश्व युद्ध की साझी मानवीय विरासत को किया गया याद
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक और मानवीय संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता केवल कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि यह मानवता और संवेदना की साझी विरासत पर टिकी है। उन्होंने याद दिलाया कि सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान के कठिन दौर में जामनगर और कोल्हापुर के भारतीय राजपरिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों और परिवारों को भारत में शरण देकर उनकी जान बचाई थी। यह ऐतिहासिक संबंध आज भी दोनों देशों के जन-मन को जोड़े हुए है।
क्रैकोव में 'इंडियन स्टडीज चेयर' और सांस्कृतिक संबंध
सांस्कृतिक और पीपुल टू पीपुल संबंधों को दोनों देशों की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पोलैंड में संस्कृत अध्ययन और इंडोलॉजी की एक समृद्ध परंपरा रही है। इसी के तहत पोलैंड के ऐतिहासिक शहर क्रैकोव में इंडियन स्टडीज चेयर की स्थापना की गई है। इससे भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के अध्ययन को नया बल मिलेगा।
वैश्विक सुधार और शांति के लिए भारत का रुख
दोनों देशों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन) में अपनी अटूट निष्ठा व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शासन संस्थानों को अधिक सशक्त, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उनमें सुधार बेहद जरूरी हैं।