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दुश्मन के रडार चकमा खाने को मजबूर! 500 किमी रेंज और 1 टन पेलोड वाला भारत का 'प्रलय' क्यों है पारंपरिक युद्ध का गेम-चेंजर

DRDO ने भारत की प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 500 किमी तक मारक क्षमता और 1,000 किलो पेलोड वाली इस क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल की खासियत और सेना में इसकी एंट्री की पूरी जानकारी जानें।

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Nov 08, 2026 पर 7:00 PM
दुश्मन के रडार चकमा खाने को मजबूर! 500 किमी रेंज और 1 टन पेलोड वाला भारत का 'प्रलय' क्यों है पारंपरिक युद्ध का गेम-चेंजर
DRDO ने पिछले दिनों भारत की 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया

भारत की स्वदेशी मिसाइल तकनीक ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पिछले दिनों भारत की 'प्रलय' क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया यह परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल का हिस्सा था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक परीक्षण के दौरान तय किए गए सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया। इसके साथ ही इस मिसाइल को सशस्त्र बलों में शामिल किए जाने का रास्ता और करीब आ गया है।

रक्षा मंत्रालय ने परीक्षण के बाद कहा कि इस सफल परीक्षण के साथ मिसाइल को सेना में शामिल किया जाना अब निकट है। प्रलय की सबसे बड़ी खासियत इसकी 150 से 500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता और 500 से 1,000 किलोग्राम तक वजन का पारंपरिक वारहेड ले जाने की क्षमता है। इसके अलावा यह सामान्य बैलिस्टिक मिसाइलों से अलग क्वासी-बैलिस्टिक तकनीक पर काम करती है। इस तकनीक के कारण यह उड़ान के दौरान अपनी दिशा और प्रक्षेप पथ में बदलाव कर सकती है। इससे दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए इसकी उड़ान का अनुमान लगाना और इसे रोकना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

क्या है भारत की प्रलय मिसाइल?

प्रलय भारत में विकसित कम दूरी की सतह से सतह पर मार करने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसे पारंपरिक हथियार यानी नॉन-न्यूक्लियर वारहेड ले जाने के लिए तैयार किया गया है। इसका इस्तेमाल युद्ध के दौरान सामरिक स्तर पर महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।

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