दिवाली का त्योहार आते ही लोग अपने घरों को सजाने और परिवार के साथ खुशियां बांटने की तैयारी करते हैं। इस दिन हर कोई चाहता है कि वह अपने करीबियों के साथ रहे और त्योहार का आनंद ले। लेकिन देश की सुरक्षा में लगे कई जवान ऐसे भी हैं, जो चाहकर भी दिवाली पर अपने घर नहीं जा पाते। उनकी ड्यूटी उन्हें परिवार से दूर सीमा पर रहने के लिए मजबूर करती है। ऐसे में साथी सैनिक ही उनके साथ त्योहार की खुशियां बांटते हैं।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने अपने परिवार से दूर रहकर साथियों के साथ दिवाली मनाई। इस मौके पर एक जवान ने बताया कि भले ही वे अपने घरवालों के साथ नहीं हैं, लेकिन उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होता। उनके लिए सेना और उनकी बटालियन ही परिवार की तरह है।
जवान ने बताई अपने साथियों से जुड़ी ये खास बात
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, एक सैनिक ने कहा कि वे भले ही अपने घरों से दूर हैं, लेकिन फिर भी अपने परिवार के साथ ही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना और उनकी बटालियन ही उनका परिवार है। सभी साथी सैनिक एक-दूसरे के साथ रहते हैं और हर खुशी के मौके पर साथ देते हैं।
जवान ने आगे बताया कि वे साल का ज्यादातर समय अपने साथी सैनिकों के साथ बिताते हैं। ऐसे में उनके बीच परिवार जैसा रिश्ता बन गया है। सभी जवान हर खुशी के मौके और त्योहार को मिलकर मनाते हैं। इस बार भी उन्हें अपने सेना के परिवार के साथ दिवाली मनाकर काफी खुशी हो रही है। उनके लिए यह त्योहार साथियों के साथ समय बिताने और खुशियां बांटने का मौका है।
सीमा पर ड्यूटी के बीच मनाते हैं त्योहार
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित नौशेरा सेक्टर नियंत्रण रेखा (LoC) के पास है। यहां भारतीय सेना के जवान पूरे साल देश की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। सीमा पर ड्यूटी के दौरान उन्हें हर समय सतर्क रहना पड़ता है, इसलिए त्योहारों के दिनों में भी उनकी जिम्मेदारियां जारी रहती हैं। दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर कई जवान अपने घर नहीं जा पाते और परिवार से दूर रहकर ही ड्यूटी करते हैं। ऐसे में साथी सैनिक एक-दूसरे का साथ देते हैं। लंबे समय तक साथ रहने और मुश्किलों का सामना करने से उनके बीच परिवार जैसा रिश्ता बन जाता है।
नौशेरा सेक्टर में जवानों का दिवाली मनाना इसी रिश्ते को दिखाता है। उनके लिए बटालियन सिर्फ ड्यूटी करने वाली टीम नहीं, बल्कि एक परिवार है। वे अपने साथियों के साथ त्योहार मनाकर घर से दूर होने की कमी को पूरा करने की कोशिश करते हैं।