भारत से करीब 15 हजार किलोमीटर दूर अंटार्कटिका में भारतीय वैज्ञानिकों ने गणेश चतुर्थी का त्योहार खास अंदाज में मनाया। मैत्री रिसर्च स्टेशन पर नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) की टीम ने बर्फ से भगवान गणेश की मूर्ति तैयार की। कड़ाके की ठंड के बीच टीम ने पूजा और आरती की और मोदक का प्रसाद चढ़ाया। घर से इतनी दूर होने के बावजूद वैज्ञानिकों ने त्योहार की सभी रस्में निभाईं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में टीम मेंबर बर्फ से गणेश जी की मूर्ति बनाते दिखाई दिए। इसके बाद सभी लोग इकट्ठा हुए और आरती की। वैज्ञानिकों ने मिलकर इस त्योहार को मनाया।
न नदी, न समंदर, बाल्टी में हुआ विसर्जन
इस उत्सव का सबसे खास हिस्सा विसर्जन रहा। अंटार्कटिका में पर्यावरण को लेकर बेहद सख्त नियम हैं, इसलिए मूर्ति को बाहर नहीं छोड़ा जा सकता। टीम ने इको-फ्रेंडली तरीका अपनाया। स्टेशन के अंदर ही पानी से भरी एक बाल्टी में बर्फ की मूर्ति का विसर्जन किया गया, जहां वह पिघलकर पानी में मिल गई।
वैज्ञानिकों का यह अनोखा गणेश उत्सव सोशल मीडिया पर लोगों को काफी पसंद आया। कई लोगों ने टीम के इस त्योहार मनाने के तरीके की तारीफ की। कुछ यूजर्स ने बर्फ से बनी प्रतिमा को "सबसे कूल गणेश जी" बताया और भारतीय परंपरा निभाने के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की।
अंटार्कटिका में मनाई गई ये गणेश चतुर्थी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि ये दिखाती है कि भारतीय संस्कृति और आस्था सरहदों और मौसम की सीमाओं से परे है। हजारों किलोमीटर दूर भी वैज्ञानिकों ने जिस तरह से इको-फ्रेंडली विसर्जन कर पर्यावरण का ध्यान रखा, वो सभी के लिए एक मिसाल है।