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India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड के साथ भारत का ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू! जानिए सस्ते सेब, कीवी और आपके करियर पर क्या पड़ेगा असर

India-New Zealand FTA :इस करार के तहत,भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले सभी निर्यात 100% शुल्क मुक्त होंगे। वहीं,न्यूजीलैंड से भारत को होने वाले 95% निर्यात पर शुल्क में कटौती की जाएगी। इसके अलावा,अगले 15 सालों में न्यूजीलैंड द्वारा भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 20, 2026 पर 9:35 AM
India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड के साथ भारत का ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू! जानिए सस्ते सेब, कीवी और आपके करियर पर क्या पड़ेगा असर
India-New Zealand FTA : न्यूजीलैंड की सर्टिफाइड मनुका शहद के लिए, भारत ने 30 डॉलर प्रति किलोग्राम की न्यूनतम आयात कीमत तय की है

India-New Zealand FTA : भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू हो गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे दोनों देशों को फायदा होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ( Christopher Luxon) ने न्यूजीलैंड-भारत FTA (मुक्त व्यापार समझौता) के लागू होने की घोषणा करते हुए कहा है कि इस समझौते से न्यूजीलैंड के कारोबारियों के लिए एक अरब से अधिक ग्राहकों के दरवाजे खुलेंगे। टैरिफ (शुल्क) में कमी आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वेतन में बढ़त होगी और न्यूजीलैंड के लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

इस करार के तहत,भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले सभी निर्यात 100% शुल्क मुक्त होंगे। वहीं,न्यूजीलैंड से भारत को होने वाले 95% निर्यात पर शुल्क में कटौती की जाएगी। इसके अलावा,अगले 15 सालों में न्यूजीलैंड द्वारा भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा और कुशल कामगारों के लिए 5,000 वीजा जारी किए जाएंगे।

बता दें कि भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर से लागू होगा। भारतीय निर्यात पर 100% जीरो-ड्यूटी की सुविधा मिलेगी। इस व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार का विस्तार करना, निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है। इस मौके पर भारत के कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले 5 सालों में लागू होने वाला यह सातवां व्यापार समझौता है।

इस समझौते के तहत, न्यूजीलैंड में भारत के 100% निर्यात को बिना किसी शुल्क (zero-duty) के बाजार एंट्री मिलेगी। न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश लाने में मदद करने का भी वादा किया है।

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