5 बकरियों से खड़ा किया ₹18 लाख का स्टार्टअप! बकरी के दूध से साबुन-घी भी बनाते हैं युवा किसान संदीप
Goat Milk Startup: जयपुर के युवा किसान संदीप कुमार मीणा ने संकट के समय में अपने घर के बाड़े से सिर्फ 5 बकरियों के साथ 'गोटवेदा' स्टार्टअप की शुरुआत की थी। आज उनकी कंपनी का टर्नओवर ₹18 लाख रुपए तक पहुंच चुका है। बकरी के दूध से साबुन, घी, पनीर और मिल्क पाउडर जैसे बेहतरीन प्रोडक्ट्स तैयार करके ऑनलाइन मार्केट में धूम मचाने वाले संदीप का यह प्रेरणादायक सफर आखिर कैसे बना युवाओं के लिए मिसाल? जानिए पूरी कहानी
संदीप बकरी के दूध से साबुन, घी, पनीर और मिल्क पाउडर जैसे बेहतरीन प्रोडक्ट्स तैयार करके ऑनलाइन मार्केट में धूम मचा रहे है
Goat Milk Startup: अक्सर लोग पढ़-लिखकर नौकरी करना या अपनी पढ़ाई की स्किल से अपने लिए काम की तलाश करते हैं लेकिन जब जीवन में संकट का दौर आता है तो पढ़ाई लिखाई और स्किल भी धुंधली पड़ जाती हैं लेकिन संकट के बीच से निकलकर लोग अपने लिए नए रास्ता निकालते हैं।
कुछ ऐसी ही कहानी जयपुर के युवा किसान और एंटरप्रेन्योर संदीप मीणा की है जिन्होंने अपने घर के बाड़े से 5 बकरियों से दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स के स्टार्टअप GoatVeda की शुरुआत की और आज इनकी कंपनी का टर्नओवर 18 लाख रुपए है। जयपुर के नजदीक जोबनेर कस्बे के डूंगरीकलां गांव के रहने वाले संदीप कुमार मीणा ने खेती और बकरी पालन के साथ अपने स्टार्टअप की ऐसी जर्नी शुरू की जो अब अन्य युवाओं को प्रेरित कर रही है।
संदीप एक सामान्य परिवार से आते हैं उनके जीवन में सबकुछ ठीक चल रहा होता लेकिन कोरोनाकाल में पिता का निधन और प्राइवेट नौकरी पर गहराए संकट ने संदीप कुमार मीणा के जीवन को अलग दिशा में मोड़ दिया जो आज युवाओं के लिए मिसाल है। संदीप मीणा के पिता राम मीणा पत्थर का काम करते थे और सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित थे। कोरोना काल में 2021 में उनका निधन हो गया।
पिता की असामयिक मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारी संदीप के कंधे पर आ गई। परिवार की आर्थिक स्थिति और प्राइवेट नौकरी को छोड़कर संदीप ने अपनी मां कमला देवी के साथ 2022 में वर्क फ्रॉम होम के साथ अपने स्टार्टअप की शुरुआत की।
संदीप ने 5 बकरियों से शुरू किया था 'गोटवेदा' स्टार्टअप
वेटरनरी में दो साल का डिप्लोमा और कुछ महीनों की नौकरी के बाद संदीप कुमार मीणा एक समय एग्रीकल्चर में बीएससी करना चाहते थे। लेकिन 4 साल का लंबा समय और परिवार की स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपने घर के बाड़े से ही 'गोटवेदा' स्टार्टअप की शुरुआत की, कोरोनाकाल में लगातार दूध की डिमांड को देखते हुए संदीप को इस स्टार्टअप का आइडिया आया। जिसके बाद उन्होंने कुछ समय तक इस स्टार्टअप के वर्क और मार्केट को समझा और फिर बिल्कुल छोटे रूप में शुरुआत की।
आज संदीप के पास जयपुर की रजिस्टर्ड ब्रीड गुर्जर और सिरोही नस्ल की कई बकरियां हैं। बकरी पालन में अक्सर किसान और पशुपालक बकरियों को दो तरीकों से पालते हैं, एक बकरियों को फार्म में बांधकर ब्रीडिंग और मांस के लिए जिसके पालन में खर्च ज्यादा आता है, जबकि ग्रेजिंग में कम खर्च आता है।
संदीप ने ग्रेजिंग के अनुसार बकरियों के पालन की शुरुआत की जिसमें बकरियों के भोजन/चारे के लिए संदीप ने 100 अरडू के पौधे लगाए, जिनकी पत्तियों को बकरियां बड़े चाव से खाती हैं। इससे बकरियों में दूध भी बढ़ता है। इस प्रकार संदीप ने बकरी पालन के साथ पेड़ों से भी अतिरिक्त इनकम बनाना शुरू किया।
संदीप के इस स्टार्टअप का मुख्य आकर्षण यह है कि बकरी का दूध खास तौर पर उन बच्चों के लिए लिया जाता है, जिन्हें गाय, भैंस के दूध से एलर्जी होती है। इसलिए बकरी का दूध पचने में हल्का होता है और यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है इसलिए डेंगू जैसी बीमारियों में डॉक्टर भी बकरी का दूध पीने की सलाह देते हैं। इसी के चलते संदीप ने दूध के साथ दूध से ही कई प्रोडक्ट्स बनाए जिनकी अब मार्केट में खूब डिमांड रहती है।
ऑनलाइन मार्केट से ग्राहकों को जोड़ खड़ा किया लाखों का स्टार्टअप
संदीप कुमार मीणा ने अपने स्टार्टअप की शुरुआत भले ही छोटे रूप में की हो लेकिन दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स को मार्केट तक पहुंचाने के लिए संदीप ने अपनी शुरुआत जयपुर में चित्रकूट स्टेडियम के पास लगने वाले ऑर्गेनिक मार्केट में दूध की स्टॉल लगाकर की और यहां संदीप ने 250 रुपए लीटर के हिसाब से अपना दूध बेचा।
ऐसे धीरे-धीरे संदीप को शुरुआती दौर में ग्राहक मिले और उन्हें बाजार का अनुभव मिला। वैसे दूध महंगा होने के चलते शुरुआत में उनके दूध की डिमांड कम रही लेकिन संदीप ने अपने स्टार्टअप पर लगातार फोकस किया और धीरे-धीरे किसानों को अपने साथ जोड़ा और ऑनलाइन मार्केट तक पहुंचे।
आज संदीप एक बकरी से रोजाना करीब एक से डेढ़ लीटर दूध प्राप्त करते हैं तो हर दिन उनके पास लगभग 70 से 80 किलो दूध का उत्पादन होता है। साथ ही संदीप के इस स्टार्टअप से अब कई किसान और जुड़ गए हैं। संदीप अब अपने स्टार्टअप में दूध उत्पादन और प्रोडक्ट्स बनाने के अलावा गांवों में पशुपालन करने वाले किसानों को पशु चिकित्सा सेवाएं और बकरियों-भेड़ों के लिए खरीद/बिक्री, किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और सहायता, ऋण, बीमा और एआई सेवाओं तक गोटवेदा सिर्फ एक ब्रांड नहीं है बल्कि एक सफल स्टार्टअप बन चुका है।
बकरियों के दूध से संदीप तैयार करते हैं ये खास प्रोडक्ट्स
संदीप अपने प्रोसेसिंग यूनिट में दूध से कई बेहतरीन प्रोडक्ट्स तैयार करते हैं, जिनकी ई-कॉमर्स मार्केट में भारी डिमांड रहती है:
पाउडर: 500 लीटर दूध से बल्क में पाउडर बनवाया जाता है, जिसकी रोजाना 25 से 30 लीटर बिक्री होती है।
साबुन: हर महीने करीब 300 साबुन बनाए जाते हैं, जिसकी कीमत 30 रुपए है।
पनीर: 2 लीटर दूध से 300 ग्राम पनीर तैयार किया जाता है, जिसकी डिलीवरी ऑर्डर्स के हिसाब से की जाती है।
अन्य प्रोडक्ट्स: दूध और घी की भी ग्राहकों के बीच खूब मांग रहती है।