JNU प्रोफेसर-कांग्रेस सांसद पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप! FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे, BJP का प्रदर्शन

JNU Sexual Harassment Case: यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपनी आंतरिक समिति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच किए जाने के बाद प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में FIR दर्ज की गई है

अपडेटेड Oct 12, 2026 पर 1:25 PM
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JNU Sexual Harassment Case: कांग्रेस सांसद पर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी प्रदर्शन कर रही है

JNU Sexual Harassment Case: राजधानी दिल्ली स्थित देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपनी आंतरिक समिति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच किए जाने के बाद प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में FIR दर्ज की गई है। FIR में यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमिटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि JNU के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अकोइजम पर महिला छात्रों के साथ गलत तरीके से निजी बातचीत करने, यौन रूप से उकसाने वाला व्यवहार करने और बिना मर्जी के शारीरिक संपर्क बनाने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों के साथ ऐसा बार-बार हुआ है।

हमारे सहयोगी CNN-News18 के पास मौजूद FIR में बताया गया है कि इंटरनल कमिटी ने कई शिकायतकर्ताओं के आरोपों की जांच की और अपनी रिपोर्ट देने से पहले गवाहों के बयानों, बचाव पक्ष के गवाहों और अन्य सबूतों का आकलन किया है। कमिटी ने पाया कि प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम (Angomcha Bimol Akoijam) का महिला छात्रों के साथ व्यवहार पेशेवर सीमाओं के दायरे में नहीं था। इस कथित व्यवहार ने उनके लिए 'डरावना, अपमानजनक और प्रतिकूल सीखने का माहौल' बना दिया था।

कड़ी सजा की सिफारिश


इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया कि JNU की आंतरिक समिति ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की और इसके नतीजों के आधार पर कड़ी सजा की सिफारिश की। कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के साइन वाले आदेश में कहा गया है, "उचित प्रक्रिया का पालन करने, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्तगी की सजा दी जाती है।" अकोइजम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर हैं।

11 छात्राओं ने प्रोफेसर पर दर्ज कराई शिकायत

पीटीआई के मुताबिक, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि अकोइजम ने बैठक के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने घर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह क्लास में अश्लील और अनुचित बातें करते थे। खबरों के मुताबिक, इस मामले ने परिसर में चिंता पैदा कर दी है। अन्य वरिष्ठ छात्राएं भी इसी तरह के आरोप लेकर सामने आ रही हैं।

कांग्रेस सांसद ने क्या कहा?

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इनर मणिपुर से सांसद अकोइजम ने कहा कि उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाना जाना छिपे हुए वरदान जैसा है, जिससे उनके खिलाफ हो रही साजिश का पर्दाफ़ाश हो सका। उन्होंने इंफाल में पत्रकारों से कहा, "मैं चाहता हूं कि ये लोग मुखौटे के बिना सामने आएं। अगर यह सच है, तो मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।" अकोइजम ने कहा, "मेरे पास न तो रिपोर्ट है और न ही बर्खास्तगी का आदेश। अगर कोई आरोप हैं, तो मुझे वे दिखाएं... तभी आपको पता चलेगा कि साजिश के तहत निशाना बनाने की कार्रवाई कैसे चल रही है।" BJP की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने इंफाल में एक प्रेसवार्ता में कहा कि अकोइजम के तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक फायदे के लिए गंभीर यौन आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को संरक्षण देने की कीमत चुकानी होगी। सिंह ने कहा, "अब सवाल यह है कि इस गंभीर घटनाक्रम को देखते हुए राहुल गांधी क्या करेंगे? श्री राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफ़ा क्यों नहीं देना चाहिए और इतने गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के लिए निर्णायक कदम क्यों नहीं उठाने चाहिए? जवाबदेही के जो मानक वे दूसरों से चाहते हैं, वे उनकी अपनी पार्टी पर भी लागू होने चाहिए।"

BJP का दिल्ली प्रदर्शन

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला इकाई ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद को बचा रहे हैं। इसके विरोध में BJP महिला इकाई के सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किए। BJP महिला मोर्चा ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा इनर मणिपुर से अपने सांसद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का बेशर्मी से बचाव करने के खिलाफ 'नारी शक्ति हुंकार आंदोलन' आयोजित की है। 11 छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर को JNU से बर्खास्त कर दिया गया है।

BJP ने कहा कि विरोध मार्च दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल से शुरू होकर आईटीओ पर कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन पर प्रदर्शन किया गया। पार्टी ने कहा कि BJP महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी और प्रभारी दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला सांसद, विधायक, पार्षद और दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरीं।

9 अक्टूबर को प्रोफेसर बर्खास्त

BJP ने कहा कि 9 अक्टूबर को जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति ने यौन उत्पीड़न और अंक देने के बदले यौन संबंध बनाने से जुड़े आरोपों को सही पाए जाने के बाद अकोइजम को बर्खास्त कर दिया था। पार्टी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चुप्पी दर्शाती है कि कांग्रेस कथित कदाचार के मामले में अपने सांसद के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें संरक्षण दे रही है।

BJP ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, जो खुद को महिलाओं के अधिकारों का चैंपियन बताते हैं और पितृसत्ता को खत्म करने का दावा करते हैं, महिलाओं की सुरक्षा पर सिर्फ खोखले भाषण देते हैं। पार्टी ने कहा, "क्या राहुल गांधी, जो 'पितृसत्ता को खत्म करने' की बातें करते रहते हैं, उन्हें इन युवा महिलाओं का दर्द नहीं दिखता?" BJP ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कोई इत्तफाक नहीं है, बल्कि अपराधियों को बचाने की लंबे समय से जारी पार्टी की प्रवृत्ति का हिस्सा है।

'छात्राओं से माफी मांगें राहुल गांधी'

उसने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर पहले भी महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनके अपमान से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कई महिला नेताओं ने पहले भी पार्टी के अंदर की आपत्तिजनक गतिविधियों का खुलासा किया था। उसने दावा किया कि तंदूर कांड से लेकर भंवरी देवी और केरलम की घटनाओं तक, कांग्रेस की प्रवृत्ति अपराधियों को बचाने और तभी कार्रवाई करने की रही है, जब वह बुरी तरह घिर जाती है।

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BJP ने आरोप लगाया कि 2023 में कांग्रेस ने अंकिता दत्ता को पार्टी से निकाल दिया था, जिन्होंने बीवी श्रीनिवास के खिलाफ उत्पीड़न और लिंग-आधारित भेदभाव की शिकायत की थी। उसने कहा कि 2024 में बाड़मेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे थे, तब कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। लेकिन हाल में उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया। भगवा पार्टी ने मांग की है कि राहुल गांधी आरोपी सांसद को तुरंत कांग्रेस से निकालें, यह सुनिश्चित करें कि वह लोकसभा से इस्तीफा दें। साथ ही 11 छात्राओं से माफी मांगें।

'प्रियंका गांधी इस पर चुप क्यों हैं?'

'इंडिया भवन' के पास विरोध-प्रदर्शन के दौरान BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने पत्रकारों से कहा, "11 छात्राओं ने कांग्रेस के मणिपुर से सांसद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जिसे कमेटी ने सच पाया। इसलिए उनको नौकरी से बर्खास्त किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी इस पर चुप क्यों हैं?"

वहीं, BJP प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, "आज दिल्ली की महिलाएं राहुल गांधी से पूछने आई हैं कि उनका मणिपुर का सांसद जो JNU में प्रोफेसर था वहां की 11 बच्चियों ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है जो कि वहां की एक कमेटी ने सिद्ध पाया और उसको JNU से बाहर निकाला। महिलाएं पूछने आई हैं कि दिल्ली में महिलाएं कांग्रेस के हाथ से अपमानित हो रही हैं उस पर कांग्रेस चुप क्यों है?"

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