कानपुर। शहर में आने-जाने वाले लोगों को जल्द ही बसों की बेहतर सुविधा मिल सकती है। यहां 300 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। योजना के तहत 28 रूटों पर हर 5 मिनट में बस उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो दिवाली तक नई बसें सड़कों पर दौड़ सकती हैं। इससे नौकरी करने वालों, स्टूडेंट्स और बाजार जाने वाले लोगों को आने-जाने में आसानी होगी।
अभी कानपुर में करीब 100 इलेक्ट्रिक बसें हैं। इनमें से रोज 70 से 72 बसें ही सड़कों पर चलती हैं। नई बसें आने के बाद शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फैसिलिटी बढ़ सकती है।
• नई बसों में 38 लोग बैठ सकेंगे।
• हर 5 मिनट में बस मिलने का लक्ष्य है।
चार्जिंग डिपो के लिए चुनी गई तीन जगहें
नई बसों को चलाने के लिए चार्जिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए शहर में तीन जगह डिपो बनाने की योजना है।
2. झकरकटी बस अड्डे के पास कोपरगंज
इन डिपो में बसों को चार्ज करने की सुविधा होगी, ताकि वे रोज समय पर चल सकें। नई बसें चलने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी फायदा हो सकता है। लोग अपनी खुद की गाड़ी की जगह बस से बाजार जा सकेंगे, जिससे पार्किंग की परेशानी भी कम हो सकती है।
गोविंदनगर के कारोबारी राजेश गुप्ता का कहना है कि बसें समय पर मिलें और बाजार के पास रुकें, तो लोगों के लिए खरीदारी करना आसान होगा। इससे दुकानों पर ग्राहक भी बढ़ सकते हैं। और पार्किंग की परेशानी और सड़कों पर भीड़ कम हो सकती है।
कानपुर के आसपास के गांवों से कई लोग रोज काम, पढ़ाई, इलाज और खरीदारी के लिए शहर आते हैं। यदि उन्हें बसें आसानी से मिलेंगी, तो इससे उनका समय और किराया बच सकते हैं। वहीं, चकेरी के पास रहने वाले रामकिशोर का कहना है कि बसें रोज चलेंगी, तो गांव के लोगों को शहर आने-जाने में आसानी होगी।
इन कामों की जरूरत पड़ेगी योजना को पूरा करने के लिए
300 नई बसें चलने से लोगों के लिए दूर शहर जाकर करना आसान हो सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी काम समय पर पूरे करने होंगे।
• चार्जिंग डिपो तैयार करने होंगे।
• बसों के रूट और स्टॉप यात्रियों की जरूरत के हिसाब से तय करने होंगे।
• बसें रोज तय समय पर चलानी होंगी।
इन व्यवस्थाओं को सही तरीके से लागू करने से नई इलेक्ट्रिक बसों से आम लोगों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को फायदा हो सकता है।
कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट