Kanpur murder case: कानपुर में दिग्गज दवा कारोबारी हत्याकांड मामले में नया मोड़! बहू शालू जेल से रिहा, अब पिता की हत्या की साजिश में पति अरेस्ट

Kanpur businessman murder case: कानपुर के दिग्गज दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड मामले में उनकी बहू शालू मनोचा को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने जांच में शालू के हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिलने की बात कही है। अब कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार किया गया है

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 4:11 PM
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Kanpur businessman murder case: कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या मामले में उनकी बहू को जमानत मिल गई है

Kanpur businessman murder case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद उनकी बहू शालू मनोचा को सोमवार (28 सितंबर) को अदालत के आदेश पर जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जांच में शालू के हत्या में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिलने की बात कही। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने शालू को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने उन्हें जरूरत पड़ने पर अदालत या जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश भी दिया।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी क्षेत्र) एस.एम. कासिम आब्दी ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद शालू को शाम करीब साढ़े सात बजे रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी बनाए गए विशाल गौतम के बयान के आधार पर शालू को गिरफ्तार किया गया था। विशाल ने जांचकर्ताओं को बताया था कि विनीत मनोचा की हत्या शालू के कहने पर की गई थी।

उसने दावा किया था कि हत्या के बदले शालू ने उसे छह लाख रुपये देने और नौकरी दिलाने का वादा किया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि इसमें दो लाख रुपये अग्रिम और चार लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई थी। हालांकि, आब्दी ने बताया कि विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को शालू की अपराध में किसी भी तरह की संलिप्तता साबित करने वाला कोई साक्ष्य नहीं मिला।


मामले में सालू का पति गिरफ्तार

अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच में पुलिस को विनीत मनोचा के बेटे सुब्रत मनोचा के खिलाफ कथित तौर पर सबूत मिले हैं। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। शालू के वकील शिवकांत दीक्षित ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को सीजेएम अदालत में शालू के संबंध में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया।

विनीत मनोचा की पांच सितंबर को इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट में उनके फ्लैट में चाकू से कई वार कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बाद में उनके बेटे सुब्रत मनोचा को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अपने पूर्व घरेलू कर्मचारी विशाल गौतम और उसके सहयोगी राजकिशोर की मदद से हत्या की साजिश रची थी। तीनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।

शालू का आया पहला बयान

जेल से बाहर आने के बाद शालू मिनोचा ने अपने ससुर विनीत की हत्या पर पहली बार चुप्पी तोड़ी है। 21 दिन जेल में बिताने के बाद रिहा हुईं शालू ने कहा कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके पति अपने पिता की हत्या की साजिश रच रहे थे। रिहाई के बाद शालू ने 'आज तक' से कहा, "मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मेरे पति यह सब प्लान कर रहे थे।" कोर्ट ने 50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर शालू को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें कथित साजिश से शालू को जोड़ने वाला कोई स्वतंत्र और विश्वसनीय सबूत नहीं मिला है। उन्हें बुलाए जाने पर कोर्ट या जांच अधिकारी के सामने पेश होना होगा।

कोर्ट के आदेश पर रिहाई के बाद 'आज तक' से बात करते हुए शालू ने कहा कि विनीत मिनोचा की हत्या वाले दिन वह और उनके पति सुब्रत मिनोचा एक पार्टी में साथ थे। उन्हें कुछ भी असामान्य नहीं लगा था। 5 सितंबर को कानपुर के इंदिरा नगर इलाके में विनीत अपने फ़्लैट में मृत पाए गए थे। इस दौरान उनका गला कटा हुआ था।

'मैंने कभी नहीं सोचा था कि बात इतनी आगे बढ़ जाएगी'

शालू ने कहा कि सुब्रत के अपने पिता के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे। लेकिन वह कभी सोच भी नहीं सकती थीं कि इसका अंत हत्या के रूप में होगा। उन्होंने कहा, "सुब्रत बहुत सी बातें छिपाकर रखते थे। उनकी और उनके पिता की आपस में नहीं बनती थी। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि हालात इस हद तक बिगड़ जाएंगे कि ऐसा कुछ हो जाएगा।" शालू ने कहा कि पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने उन्हें और सुब्रत को आमने-सामने किया था, तब भी उन्होंने सुब्रत से कोई बात नहीं की थी। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उन्हें पता था कि कोई उन्हें फंसाने की साजिश रच रहा है।

अपने पति को माफ करेंगी?

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सुब्रत को माफ कर सकती हैं या उनके साथ रिश्ता जारी रख सकती हैं? तो उन्होंने कहा कि वह अभी इस बारे में सोच नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा, "जो कुछ भी हुआ है, उसे समझने और उससे उबरने के लिए मुझे कुछ समय चाहिए।" मामले में एक विशाल नाम के शख्स ने पहले दावा किया था कि शालू ने उसे विनीत की हत्या करने के लिए कहा था और उसे घर की चाबी दी थी। पुलिस का अब कहना है कि सुब्रत ने कानपुर के गुमटी नंबर 5 इलाके में विशाल के लिए डुप्लीकेट चाबी बनवाने का इंतजाम किया था।

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'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, सुब्रत को तब गिरफ्तार किया गया जब उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने महीनों पहले ही अपने पिता की हत्या की योजना बनाई थी। यह योजना पैसे को लेकर विवाद और विनीत के दूसरी महिलाओं के साथ रिश्तों के कारण बनाई गई थी। पुलिस हत्या वाले दिन शामिल लोगों के बयानों की जांच कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और उनकी गतिविधियों से कर रही है।

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