ट्रेन से उतरते ही होटल, फूड कोर्ट और बिजनेस स्पेस! ₹700 करोड़ के प्रोजेक्ट के बाद जानिए कैसा दिखेगा नया कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन
Kanpur Central Railway Station Redevelopment: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर का सेंट्रल रेलवे स्टेशन जल्द ही नए रूप में नजर आने वाला है। ₹700 करोड़ की लागत से बनने वाले इस आधुनिक स्टेशन पर अब ट्रेन से उतरते ही यात्रियों को 3-स्टार होटल, 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, फूड कोर्ट और शॉपिंग मॉल जैसी हाई-टेक सुविधाएं मिलेंगी। जानिए कानपुर सेंट्रल का यह नया अवतार कितना होगा खास
नए स्टेशन में एसी वेटिंग रूम, लाउंज, फूड प्लाजा, फूड कोर्ट और होटल जैसी सुविधाएं मिलेंगी
Kanpur Central Railway Station: कानपुर सेंट्रल अभी शहर में आने-जाने का सबसे बड़ा जरिया है, लेकिन आने वाले समय में इसकी पहचान सिर्फ रेलवे स्टेशन तक सीमित नहीं रहने वाली। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे पुनर्विकास के बाद कानपुर सेंट्रल यात्रियों के साथ शहर के कारोबार को भी नई रफ्तार देने वाला केंद्र बनकर उभरेगा।
स्टेशन पर एयर कॉनकोर्स, नए भवन, होटल, फूड कोर्ट, शॉपिंग स्पेस, पार्किंग और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा उन कारोबारियों को मिल सकता है, जो दिल्ली, मुंबई, गुजरात, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से कानपुर में लेदर, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और डिफेंस कारोबार के सिलसिले में आते हैं।
ट्रेन से उतरते ही मीटिंग, खरीदारी और ठहरने की सुविधा
कानपुर के कारोबारियों के लिए सेंट्रल स्टेशन का नया रूप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शहर का बड़ा व्यापार बाहरी शहरों से आने वाले खरीदारों पर निर्भर है। अभी बाहर से आने वाले कारोबारी स्टेशन से निकलकर होटल, बाजार या औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने में समय लगाते हैं। ट्रैफिक और दूरी के कारण एक दिन में ज्यादा कारोबारी गतिविधियां करना मुश्किल होता है।
नए स्टेशन में एसी वेटिंग रूम, लाउंज, फूड प्लाजा, फूड कोर्ट और होटल जैसी सुविधाएं विकसित होने से कारोबारी स्टेशन परिसर में ही कुछ समय बिता सकेंगे। स्टेशन परिसर में स्थानीय उत्पादों के लिए शोरूम और व्यावसायिक स्पेस विकसित होने से कानपुर के लेदर उत्पाद, जूते, हैंडलूम और दूसरे स्थानीय सामान को भी बड़ा बाजार मिल सकता है।
कानपुर के लेदर कारोबारी असद इराकी ने बताया कि दूसरे शहरों से आने वाले खरीदारों के लिए समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर स्टेशन पर ही बेहतर बैठने, खाने और मीटिंग की सुविधा मिलती है तो कारोबारी अपने एक दिन में ज्यादा काम कर सकेंगे। इसका सीधा फायदा शहर के कारोबार को मिलेगा।
सात मंजिला भवन से लेकर 72 मीटर के एयर कॉनकोर्स तक
कानपुर सेंट्रल पर सिटी साइड यानी घंटाघर की तरफ जी प्लस सेवन (G+7) भवन तैयार किया जा रहा है। वहीं कैंट साइड की तरफ जी प्लस टू (G+2) भवन बनाया जा रहा है। दोनों तरफ से स्टेशन में आने वाले यात्रियों को अलग-अलग सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन के ऊपर करीब 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स तैयार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए एस्केलेटर और अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। प्रवेश और निकास व्यवस्था भी नए तरीके से विकसित होगी। बेसमेंट पार्किंग और मल्टीपर्पज पार्किंग बनने से बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे।
डिप्टी सीटीएम आकांशु गोविल ने बताया कि स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जी प्लस सेवन और जी प्लस टू भवन के साथ एयरपोर्ट जैसी यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। एसी वेटिंग रूम, लाउंज, फूड प्लाजा और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी।
मेट्रो कनेक्टिविटी से बाजारों तक पहुंच होगी आसान
कानपुर सेंट्रल की सबसे बड़ी कारोबारी ताकत उसकी कनेक्टिविटी होगी। स्टेशन से मेट्रो की सीधी सुविधा मिलने के बाद बाहर से आने वाले कारोबारी शहर के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे स्टेशन से बाजारों और कारोबारी क्षेत्रों तक जाने में लगने वाला समय कम हो सकता है।
कपड़ा कारोबारी अक्षय तिवारी ने बताया कि कानपुर में खरीदारी के लिए दूसरे शहरों से आने वाले ग्राहकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय और आने-जाने की रहती है। स्टेशन और मेट्रो की बेहतर कनेक्टिविटी से यह परेशानी कम होगी। अगर कारोबारी सुबह ट्रेन से आता है तो उसी दिन कई बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर काम निपटा सकता है।
भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि कानपुर सेंट्रल के नए स्वरूप से शहर की कनेक्टिविटी और कारोबारी गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्टेशन का काम पूरा होने के बाद और ट्रेनों को कानपुर सेंट्रल पर रोकने और यहां से चलाने के लिए रेल मंत्री से बातचीत की जाएगी। इस संबंध में बातचीत चल भी रही है। उनका कहना है कि ज्यादा ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ने से कानपुर का संपर्क दूसरे बड़े कारोबारी शहरों से और मजबूत होगा।
ग्रीन बिल्डिंग के साथ आधुनिक सुविधाओं पर जोर
नया कानपुर सेंट्रल सिर्फ खूबसूरत इमारत के रूप में नहीं तैयार किया जा रहा है, बल्कि इसे आधुनिक और ऊर्जा बचाने वाली व्यवस्था के साथ विकसित किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। हाईटेक सिग्नल सिस्टम के साथ यात्री सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा। थ्री स्टार होटल और व्यावसायिक सुविधाओं के साथ स्टेशन का इस्तेमाल केवल ट्रेन पकड़ने के लिए नहीं, बल्कि ठहरने, खाने और कारोबार से जुड़े कामों के लिए भी किया जा सकेगा।
नए कानपुर सेंट्रल में क्या-क्या खास होगा
नए स्टेशन में सिटी साइड और कैंट साइड के नए भवन, 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, एसी वेटिंग रूम और लाउंज, फूड प्लाजा और फूड कोर्ट, थ्री स्टार होटल, मॉल और व्यावसायिक स्पेस, नए एंट्री-एग्जिट गेट, बेसमेंट और मल्टीपर्पज पार्किंग, बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए एस्केलेटर, मेट्रो कनेक्टिविटी, सोलर पैनल और हाईटेक सिग्नल सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। सिटी साइड का जी प्लस सेवन और कैंट साइड का जी प्लस टू भवन स्टेशन की नई पहचान बनेगा।
कारोबार के लिहाज से सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि बाहर से आने वाला कारोबारी ट्रेन से उतरकर स्टेशन पर ही रुकने, खाने, बैठने और मीटिंग करने की सुविधा पा सकेगा। वहीं स्थानीय उत्पादों के लिए नए व्यावसायिक स्पेस बनने से कानपुर के लेदर, जूते, कपड़ा और हैंडलूम कारोबार को नए ग्राहक मिल सकते हैं। स्टेशन के आसपास बेहतर पार्किंग और मेट्रो कनेक्टिविटी से शहर के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। यानी आने वाले समय में कानपुर सेंट्रल सिर्फ ट्रेन पकड़ने और छोड़ने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि शहर के कारोबार, पर्यटन, खरीदारी और व्यापारिक आवाजाही का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।