KDA Lottery Plots Scheme: दीपावली के शुभ अवसर पर अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) एक शानदार मौका लेकर आया है। केडीए की ‘हाईवे सिटी पार्ट-4’ योजना के तहत कुल 87 आवासीय प्लॉटों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन प्लॉटों की कीमतें ₹36.79 लाख से शुरू होकर ₹57.02 लाख तक तय की गई हैं। इच्छुक आवेदक 21 अक्टूबर 2026 से लेकर 20 नवंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
भूखंडों की श्रेणियां और कीमतें
हाईवे सिटी पार्ट-4 योजना के तहत अलग-अलग आकार और दरों के आधार पर भूखंडों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
112.50 वर्ग मीटर (पहला क्लस्टर): इस श्रेणी में कुल 60 भूखंड हैं। इनकी दर ₹32,700 प्रति वर्ग मीटर तय की गई है, जिसके अनुसार एक प्लॉट की कुल कीमत ₹36,78,750 होगी।
112.50 वर्ग मीटर (दूसरा क्लस्टर): इस श्रेणी में 21 भूखंड शामिल हैं। इनकी दर ₹35,200 प्रति वर्ग मीटर रखी गई है, जिससे एक प्लॉट की कीमत ₹39,60,000 बैठती है।
162 वर्ग मीटर (तीसरा क्लस्टर): बड़े आकार के इस क्लस्टर में 6 भूखंड उपलब्ध हैं। ₹35,200 प्रति वर्ग मीटर की दर से इस प्लॉट की कुल कीमत ₹57,02,400 होगी।
रजिस्ट्रेशन के लिए 10% प्रोसेसिंग फीस और जीएसटी जरूरी
योजना में हिस्सा लेने के लिए आवेदकों को भूखंड की कुल कीमत का 10 प्रतिशत हिस्सा पंजीकरण राशि (Registration Money) के रूप में जमा करना होगा:
इसके अलावा, फॉर्म के लिए ₹1,000 आवेदन शुल्क प्लस 18% जीएसटी (कुल ₹1,180) का अलग से भुगतान करना होगा। प्लॉट आवंटन के बाद शेष राशि का भुगतान केडीए की निर्धारित किश्तों और शर्तों के अनुसार करना होगा।
आधिकारिक वेबसाइट से ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
आवेदन करने के लिए केडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.kdaindia.co.in पर जाएं।
होमपेज पर दिए गए ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करके योजना की 'पंजीकरण पुस्तिका' डाउनलोड करें।
सभी नियम, किश्त की शर्तें और पात्रता पढ़ने के बाद 20 नवंबर 2026 से पहले अपना फॉर्म सबमिट करें।
ई-लॉटरी के जरिए होगा पारदर्शी आवंटन
केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया कि प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य पूरी पारदर्शिता के साथ आम जनता को आवासीय जमीन उपलब्ध कराना है। वहीं, केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें। सभी भूखंडों का आवंटन ई-लॉटरी प्रणाली के जरिए निष्पक्ष रूप से किया जाएगा।
रिपोर्ट- अखंड प्रताप सिंह