Kanpur: ₹4200 करोड़ की सड़क बदलेगी कानपुर की किस्मत! नए इंडस्ट्रियल बेल्ट में निवेशकों की लगेगी होड़!

Kanpur Lucknow Expressway Industrial: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे सिर्फ दो शहरों के बीच का सफर 35 मिनट का नहीं बनाएगा, बल्कि पूरे इलाके में औद्योगिक क्रांति लाने जा रहा है। ₹4,200 करोड़ की लागत से बना यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे ट्रांस गंगा सिटी को नया जीवन देने के साथ-साथ चमड़ा उद्योग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए नए रास्ते खोलेगा। जानिए इससे क्या-क्या फायदा होने जा रहा है

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 5:59 PM
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कानपुर और लखनऊ के बीच सफर का समय घटकर करीब 35 से 45 मिनट रह गया है

Kanpur-Lucknow Expressway: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद इसका असर सिर्फ लोगों के सफर पर नहीं, बल्कि शहर के उद्योग और कारोबार पर भी दिखाई देने की उम्मीद है। करीब 63 किलोमीटर लंबे और छह लेन के इस एक्सप्रेसवे पर करीब 4200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

इसके शुरू होने से कानपुर और लखनऊ के बीच सफर का समय घटकर करीब 35 से 45 मिनट रह गया है। कारोबारियों के लिए समय की यह बचत काफी अहम है, क्योंकि इससे माल की आवाजाही के साथ ही दूसरे शहरों से आने वाले निवेशकों और कारोबारियों के लिए कानपुर तक पहुंचना आसान होगा।

कानपुर-उन्नाव-लखनऊ के बीच बनेगा नया औद्योगिक बेल्ट


इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच के औद्योगिक क्षेत्र को मिल सकता है। एक्सप्रेसवे पर तीन इंटरचेंज, दो फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज, चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, 12 व्हीकल अंडरपास और 14 छोटे वाहनों के अंडरपास बनाए गए हैं। इसके अलावा यात्रियों के लिए दो रेस्ट एरिया भी तैयार किए गए हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से इन तीनों शहरों के बीच माल ढुलाई और कारोबारी आवाजाही पहले से ज्यादा आसान हो सकती है।

उद्योगों के लिए इसका सीधा फायदा सप्लाई चेन पर पड़ेगा। कच्चा माल मंगाने और तैयार माल दूसरे बाजारों तक भेजने में लगने वाला समय कम होगा। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत और समय दोनों को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिल सकती है। साथ ही लखनऊ की राजधानी और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी सीधे कानपुर के बड़े मैन्युफैक्चरिंग बेस से जुड़ जाएगी।

463 हेक्टेयर की ट्रांस गंगा सिटी को मिलेगा बड़ा फायदा

उन्नाव की ट्रांस गंगा सिटी करीब 463 हेक्टेयर में विकसित की जा रही है। यहां औद्योगिक, व्यावसायिक, आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए गए हैं। इसमें करीब 42 हेक्टेयर से अधिक जमीन औद्योगिक गतिविधियों और करीब 17 हेक्टेयर फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए रखी गई है। यह क्षेत्र कानपुर-लखनऊ हाईवे के नजदीक है। कानपुर एयरपोर्ट करीब 26 किलोमीटर और लखनऊ एयरपोर्ट करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर है।

अब एक्सप्रेसवे शुरू होने से ट्रांस गंगा सिटी में निवेश करने वाले कारोबारियों को दोनों बड़े शहरों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। पहले यहां जमीन और औद्योगिक सुविधाएं होने के बावजूद कनेक्टिविटी एक बड़ी जरूरत थी। अब कानपुर से तेज संपर्क मिलने के बाद यहां नए कारखाने और कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

कानपुर से ट्रांस गंगा सिटी तक सीधे पुल की भी तैयारी

ट्रांस गंगा सिटी को कानपुर से सीधे जोड़ने के लिए करीब 1.8 किलोमीटर लंबे चार लेन के गंगा पुल की योजना भी बनाई गई है। इसके साथ करीब 2.1 किलोमीटर एप्रोच रोड बनाई जानी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 538 करोड़ रुपये बताई गई थी। ट्रांस गंगा सिटी में पहले से ही सैकड़ों औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंड विकसित किए जा चुके हैं। पुल बनने के बाद कानपुर से इस औद्योगिक क्षेत्र की दूरी और आसान हो जाएगी।

कानपुर से ट्रांस गंगा सिटी तक सीधे पुल की भी तैयारी

जाजमऊ के चमड़ा उद्योग को भी फायदा

कानपुर का जाजमऊ चमड़ा उद्योग भी बेहतर कनेक्टिविटी से लाभ उठा सकता है। यहां से तैयार माल देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों तक जाता है। एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ और आगे दूसरे बाजारों तक तेज सड़क संपर्क मिलने से माल की आवाजाही आसान होगी। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स के वाइस चेयरमैन मुख्तारुल अमीन के मुताबिक, उद्योग के विस्तार के लिए मजबूत सड़क और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहद जरूरी है। बेहतर कनेक्टिविटी से कानपुर के चमड़ा कारोबार को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

बड़े कारोबारी भी आसानी से पहुंच सकेंगे कानपुर

फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल का कहना है कि एक्सप्रेसवे का फायदा केवल माल ढुलाई तक सीमित नहीं रहेगा। दूसरे शहरों से आने वाले कारोबारी अब लखनऊ एयरपोर्ट से कम समय में कानपुर पहुंच सकेंगे। इससे एक दिन में फैक्ट्री विजिट, कारोबारी बैठक और वापस लौटना संभव होगा। पहले लखनऊ से कानपुर सड़क यात्रा में काफी समय लगने के कारण कारोबारियों को अतिरिक्त समय लगाना पड़ता था।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य के मुताबिक, एक्सप्रेसवे और ट्रांस गंगा सिटी जैसी परियोजनाएं मिलकर कानपुर के औद्योगिक विस्तार को शहर की सीमा से आगे ले जा सकती हैं। खासकर उन्नाव की तरफ नए उद्योग, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

रिपोर्ट- अखंड प्रताप सिंह

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