Kanpur Industrial Hub: कानपुर में आने वाले दिनों में उद्योगों का ऐसा बड़ा हब आकार लेने जा रहा है, जो शहर के औद्योगिक नक्शे को बदल सकता है। करीब 1000 नई इंडस्ट्री स्थापित करने की तैयारी है और इसके साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इस पूरे इंडस्ट्रियल जोन में करीब 75 फीसदी हिस्से में औद्योगिक इकाइयां और 25 फीसदी हिस्से में ऑफिस विकसित किए जाएंगे। यानी एक ही जगह उत्पादन, कारोबार, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार का ऐसा नेटवर्क तैयार होगा, जिसका असर सिर्फ जोन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
हीरानंदानी समेत बड़े ग्रुप की नजर
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में बड़े औद्योगिक समूह भी रुचि दिखा रहे हैं। हीरानंदानी ग्रुप के साथ टाटा और वीबीजी ग्रुप ने भी इंडस्ट्रियल जोन के संचालन और निवेश को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। हीरानंदानी ग्रुप की टीम कानपुर में संभावित साइटों का निरीक्षण भी कर चुकी है। बड़े समूहों के जुड़ने से कानपुर में निवेश का दायरा बढ़ने और दूसरे उद्योगों के लिए भी रास्ता खुलने की उम्मीद है।
इंडस्ट्री के साथ युवाओं की स्किल भी तैयार होगी
मंडलायुक्त और उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर ऑफ इंडस्ट्रीज विजयेंद्र पांडियन के मुताबिक, इस जोन का उद्देश्य केवल नई फैक्ट्रियां लगाना नहीं है। उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे कंपनियों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे और स्थानीय युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
1000 इंडस्ट्री आएंगी तो हजारों दूसरे काम भी बढ़ेंगे
करीब 1000 औद्योगिक इकाइयों के आने का असर सिर्फ फैक्ट्री के अंदर मिलने वाली नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे माल की सप्लाई, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग, मशीन रिपेयर, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और खानपान जैसे काम भी बढ़ेंगे। यानी एक इंडस्ट्री के साथ कई छोटे और सहायक कारोबार जुड़ेंगे। इससे प्रत्यक्ष के साथ अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
कानपुर के पुराने औद्योगिक स्वरूप को मिलेगा नया आधार
उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह के मुताबिक, जोन में उद्योगों के साथ कौशल विकास और रोजगार को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा सकेगा। नए उद्यमियों के लिए भी उद्योग शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने का बेहतर इकोसिस्टम तैयार होगा।
उद्यमी उमंग अग्रवाल के मुताबिक, इंडस्ट्रियल जोन विकसित होने से कानपुर के पुराने औद्योगिक स्वरूप को फिर मजबूती मिल सकती है। कानपुर के पास कुशल कारीगर, मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता, सप्लायर नेटवर्क और बड़ा बाजार पहले से मौजूद है। शहर में इतनी क्षमता है कि यहां तैयार होने वाले उत्पादों को देश ही नहीं, दुनिया के बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। जरूरत इन क्षमताओं को आधुनिक सुविधाओं और नए निवेश के साथ जोड़ने की है।
आसपास के इलाकों में भी बढ़ेगा कारोबार
इंडस्ट्रियल जोन के आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। उद्योगों के साथ परिवहन, होटल, किराये के मकान, दुकान, खानपान, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में काम बढ़ सकता है। स्थानीय कारोबारियों को नए ग्राहक मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के विकल्प बढ़ेंगे। इस तरह यह जोन सिर्फ 1000 नई इंडस्ट्री लगाने की जगह नहीं, बल्कि कानपुर में उद्योग, रोजगार और कारोबार का नया इकोसिस्टम तैयार करने वाला बड़ा हब बन सकता है।
पिछले पांच सालों में कानपुर के अंदर उद्योग संबंधी ये है महत्वपूर्ण आंकड़े:
रिपोर्ट- अखंड प्रताप सिंह