Kashi Vishwanath Dham: यूपी का वाराणसी इन दिनों दुनियां के पर्यटन मैप पर छाया हुआ है। हिल्स स्टेशन के बजाएं जेन-जी की पहली पसंद इन दिनों वाराणसी बना हुआ है। बीते 7 महीनो में वाराणसी के खूबसूरत घाट, काशी विश्वनाथ धाम को देखने के लिए 4 करोड़ से ज्यादा पर्यटक काशी आएं है। इन पर्यटकों के काशी आने से यहां की इकोनॉमी को करीब ₹1,200 करोड़ का बूस्टअप मिला है। इसका सीधा फायदा यहां के होटल इंड्रस्टी,साड़ी व्यवसाई, टूरिस्ट गाइड, ट्रेवल, लोकल दुकानदार सहित कई लोगों को मिला है।
2026 में जुलाई तक काशी आए 4 करोड़ 65 लाख पर्यटक
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 से जुलाई 2026 तक काशी में 52 करोड़, 71 लाख पर्यटक काशी का आएं है। इनमें से अकेले साल 2026 के जुलाई महीने तक 4 करोड़ 65 लाख पर्यटक काशी पहुंचे है। अर्थशास्त्र के जानकार डॉ अनूप मिश्रा ने बताया की वाराणसी घूमने आएं एक पर्यटक अगर यहां रहने खाने और घूमने पर 3000 रूपये भी प्रति व्यक्ति खर्च करता है तो इस लिहाज 7 महीने में वाराणसी घूमने आए 4 करोड़ 65 लाख पर्यटकों ने यहां के लोकल व्यवसाय को 1200 करोड़ से ज्यादा का व्यवसाय दिया है।
इन व्यवसायियों की बढ़ी आमदनी
इसमें होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालक,फूल-माला, पूजा सामग्री, ऑटो-टैक्सी, टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में बढ़ी है, जिससे उनकी आय दोगुनी से ज्यादा हो गई। घाट पर मालाफूल बेचने वाले दिनेश ने बताया की जब से काशी विश्वनाथ कोरिडोर बना है तब से यहां पर्यटक और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। इससे उनकी आय भी दोगुने से ज्यादा हो गया है। साल 2021 से पहले वो हर दिन 400 से 500 रुपये कमा पाते थे लेकिन अब वो आसानी से हर दिन 1200 से 1400 रूपये तक कमा रहें है।
डबल इंजन सरकार ने बढ़ाई सुविधाएं
वाराणसी में बढ़ते पर्यटन उद्योग के बीच पीएम नरेन्द्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार सुविधाओं का विस्तार किया है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के साथ यहां आने वाले पर्यटक को बेहतर अनुभव हो इसके लिए घाटों पर स्वच्छता के साथ घाटों का विकास और प्रमुख मार्गो को नया कलेवर भी दिया है। इसके अलावा यहां के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण का काम भी हुआ है। यह सब कुछ काशी के प्राचीन विरासत को सहेजते हुए किया गया है।