मलप्पुरम, 6 अक्टूबर 2026: केरल के मलप्पुरम जिले के तिरुरंगाडी में एक नगरपालिका पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर द्वारा ₹10,000 की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। आरोप यह है कि विजिलेंस टीम के पहुंचने का पता चलते ही अधिकारी ने रिश्वत की रकम टॉयलेट में बहाने की कोशिश की। बाद में विजिलेंस अधिकारियों ने पाइप खोलकर पूरी रकम बरामद कर ली। आरोपी की पहचान तिरुरंगाडी नगरपालिका के पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर श्रीजी (Public Health Inspector of Tirurangadi Municipality Sreeji) के तौर पर हुई है। मामला एक प्रवासी महिला द्वारा शुरू किए गए नए होटल और जूस स्टॉल के लिए नगरपालिका लाइसेंस जारी करने से जुड़ा है।
आरोप है कि श्रीजी ने नगरपालिका लाइसेंस जारी करने के बदले महिला से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी। उसने महिला को रकम लेकर उसके किराए के मकान पर बुलाया था, जहां वह रह रहा था। रिश्वत की मांग के बाद महिला ने इसकी जानकारी विजिलेंस अधिकारियों को दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने उसे निर्देश दिया कि वह आरोपी को रिश्वत की रकम सौंपे। महिला तय योजना के मुताबिक श्रीजी के कमरे में पहुंची और उसे ₹10,000 दे दिए।
महिला के कमरे से बाहर निकलने के बाद विजिलेंस टीम वहां पहुंची और दरवाजा खटखटाया। टीम के आने की भनक लगते ही श्रीजी ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम टॉयलेट में डालकर फ्लश कर दी। बाद में पूछताछ में श्रीजी ने विजिलेंस अधिकारियों को बताया कि उसने पैसे टॉयलेट में बहा दिए थे। इसके बाद अधिकारियों ने उसकी मौजूदगी में टॉयलेट को खोलकर पाइप को अलग कर राशि निकाली।
विजिलेंस टीम ने पाइप में हाई-प्रेशर पानी डाला और उसकी जांच की। इस दौरान पाइप के मोड़ में फंसी रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और पूरी घटना की कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है।
यह पूरी घटना रिश्वतखोरी के खिलाफ सतर्कता एजेंसियों की कार्रवाई को दिखाती है। विजिलेंस टीम ने समय पर कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपी को पकड़ा, बल्कि टॉयलेट के पाइप में फंसी पूरी रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।