पुणे: पुणे के 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत अब हादसा नहीं, साजिशन मर्डर साबित हो रही है। इस केस में एक अहम गवाह सामने आया है जिसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी आंखों से केतन को धक्का देते हुए देखा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गवाह ने 23 जून को, घटना के 5 दिन बाद, अपना बयान दर्ज कराया। उसकी पहचान सुरक्षा कारणों से गुप्त रखी गई है।
पुलिस के पास पांच दिन बाद पहुंचे गवाह ने दर्ज कराया ये बयान
गवाह ने बताया कि वह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहगढ़ घूमने गया था। तब उसने केतन और उनकी मंगेतर सिया गोयल को किले में घूमते देखा। चेतन चौधरी दोनों का पीछा कर रहा था।
1. हुडी बना पहचानः सीढ़ियां चढ़ते समय उसने केतन को उसकी मंगेतर सिया गोयल के साथ देखा, जबकि आरोपी चेतन चौधरी उनका पीछा कर रहा था। जून की गर्मी में भी चेतन ने हुडी पहन रखी थी, इसलिए गवाह को उसका चेहरा याद रह गया। गवाह ने उससे पूछा भी था - इतनी गर्मी में हुडी क्यों?
2. मंदिर के पास इंतजारः किले पर पहुंचकर चेतन एक मंदिर के पास बैठ गया और केतन-सिया के आगे जाने का इंतजार करने लगा।
3. लात और फिर धक्काः गवाह को पेट में दर्द हुआ तो वो थोड़ी देर के लिए साइड में चला गया। जब वापस आया तो उसने देखा सिया ने चेतन की तरफ इशारा किया, फिर जमीन पर बैठकर केतन के पैर पर लात मारी। इसी दौरान चेतन पीछे से दौड़ता हुआ आया और केतन को खाई में धक्का दे दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के बाद पुलिस से किया कांटेक्ट
पुलिस का कहना है कि गवाह ने पहले इसके बारे में अपने दोस्त को भी नहीं बताया था। घर लौटने के बाद उसकी तबियत खराब हुई लेकिन बाद में मीडिया में खबर देखने के बाद उसने पुलिस से कांटेक्ट किया।अब पुलिस ने मामले में डिजिटल सबूतों की भी जांच की है। रिपोर्ट के मुताबिक, छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट से मिले करीब 12 TB डेटा को खंगाला गया। फोरेंसिक जांच में डिलीट किए गए चैट और दूसरे डेटा को भी रिकवर किया गया है।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में मामले में 5,053 पेज की चार्जशीट जमा की। शुरुआत में केतन की मौत को लोहगढ़ किले से गिरने का मामला माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी पर साजिश का आरोप लगाया। मामले में तीसरे आरोपी रितेश हांगे को भी अरेस्ट किया गया है, जिसे पुलिस ने चौधरी का दोस्त बताया है।