कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!
सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।
इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।
49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा
करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।
बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।