Kolkata Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन! आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, अमित शाह ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल, 19 की मौत
Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम हुई इस दर्दनाक घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई। जबकि 25 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे और वहां भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना
Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने के मामले में आयोजकों समेत सात लोग गिरफ्तार हुए हैं
Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।" उन्होंने कहा, "शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।"
अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया
कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।
कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।
स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक 'थीम' आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।
VIDEO | Kolkata, West Bengal: Union Home Minister Amit Shah visits Apollo Hospital, where people injured in the stampede at a Durga Puja pandal in north Kolkata are undergoing treatment.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/q57VohJn9H — Press Trust of India (@PTI_News) October 18, 2026
कैसे मची अफरा-तफरी?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।
मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।
पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।
उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।