MP के कूनो से राजस्थान तक चीते की लंबी छलांग, चीता CCB-4 ने पार की राज्य की सीमा, वन विभाग अलर्ट पर

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क का नर चीता CCB-4 अपना इलाका छोड़कर राजस्थान के बारां के जंगलों तक पहुंच गया है। बोत्सवाना से लाए गए इस चीते के इतनी लंबी दूरी तय करने से वन विभाग अलर्ट मोड पर है और उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है। CCB-4 अपनी बिना खून के रिश्ते वाली अनोखी दोस्ती के लिए भी जाना जाता है।

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 8:56 AM
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कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के बारां तक पहुंचा बोत्सवाना का चीता CCB-4, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है। यहां रहने वाला एक खास चीता अपना इलाका छोड़कर दूसरे राज्य तक पहुंच गया है। ये नर चीता CCB-4 है, जिसे बोत्सवाना से भारत लाया गया था। खबर है कि घूमते-घूमते वो राजस्थान के बारां के जंगलों में पहुंच गया है। उसके इतनी दूर निकल जाने के बाद वन विभाग भी हैरान है और वन विभाग की टीम द्वारा उसकी लोकेशन पर लगातार नजर बनाई हुई है।

Moneycontrol के अनुसार, CCB-4 वैसे भी आम चीतों से थोड़ा अलग है। उसकी पहचान सिर्फ उसकी रफ्तार या उसके सफर से नहीं है, बल्कि उसकी एक अनोखी दोस्ती से भी है। भारत में जन्मे एक दूसरे नर चीते के साथ उसकी ऐसी दोस्ती है, जिसका कोई खून का रिश्ता नहीं है। फिर भी दोनों की जोड़ी जंगल में साथ-साथ देखी जाती है, जो सभी को हैरान कर देती है।

एक राज्य से दूसरे राज्य तक कैसे पहुंचा चीता


जानकारी के मुताबिक CCB-4 कुछ दिन पहले ही कूनो के जंगल से बाहर निकला था। इसके बाद वह लगातार चलते हुए राजस्थान के बारां के जंगलों में पहुंच गया। बोत्सवाना से लाए गए इस चीते के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने से वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि वह सुरक्षित रहे।

खून का रिश्ता नहीं फिर भी गहरी दोस्ती

CCB-4 की सबसे अलग बात उसकी दोस्ती है। उसका एक ऐसा दोस्त है जो भारत में ही पैदा हुआ है और दोनों के बीच खून का कोई रिश्ता नहीं है। फिर भी दोनों साथ रहते हैं, साथ शिकार करते हैं और एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते।

जंगल के जानकारों के मुताबिक नर चीते अक्सर ग्रुप में रहना पसंद करते हैं, लेकिन बिना किसी पारिवारिक रिश्ते के इतनी गहरी दोस्ती कम ही देखने को मिलती है। इसी वजह से इन दोनों की जोड़ी को देखने के लिए लोग काफी उत्सुक रहते हैं।

इन कारणों से वन विभाग है अलर्ट मोड पर

चीतों का एक जंगल से दूसरे जंगल में जाना आम बात है। यह उनके नेचर का हिस्सा है। लेकिन जब कोई चीता आबादी वाले इलाके के पास पहुंचता है तो उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। CCB-4 के राजस्थान पहुंचने के बाद वहां के वनकर्मियों ने भी निगरानी बढ़ा दी है।

वन विभाग की टीमें उसके पीछे लगी हुई हैं और आसपास के गांवों में लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। यह पूरा मामला चीता प्रोजेक्ट के लिए भी जरूरी है, क्योंकि इससे पता चलेगा कि भारत के जंगलों में चीते कैसे खुद को ढाल रहे हैं और अपना नया ठिकाना कैसे बना रहे हैं।

 

 

 

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