कुशीनगर में सोमवार रात नारायणी नदी पर ततवा टोला के पास तटबंध टूट गया। इसके बाद आसपास के कई गांवों में पानी भर गया और लोगों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव का काम तेज करने के निर्देश दिए। बांध टूटने से पहले ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था, इसलिए अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन व राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर 2 लाख 54 हजार क्यूसेक रह गया। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान बढ़ गई, जिसके चलते सिपेज के कारण तटबंध टूटने की घटना हुई। तटबंध टूटने से करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को मौके पर भेजकर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल के कमिश्नर, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
NDRF और SDRF बचाव काम में तैनात
NDRF और SDRF की टीमों को भी मौके पर तैनात कर बड़े स्तर पर बचाव कार्य चलाने और लोगों को हर जरूरी मदद देने के लिए कहा गया है। कुशीनगर में तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक अजय लल्लू अचानक हुई कटान की चपेट में आ गए और नीचे गिर पड़े। उनके साथ सेवरही थाने के एसओ भी कटान वाले हिस्से में गिर गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला। राहत की बात है कि इस हादसे में दोनों बाल-बाल बच गए और किसी गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है।