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कुशीनगर में देर रात टूटा नारायणी नदी का बांध, कई गांवों में घुसा पानी, राहत-बचाव शुरू

कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों में पानी भर गया और लोगों को नुकसान हुआ। लेकिन समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, इसलिए अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Sep 29, 2026 पर 9:01 AM
कुशीनगर में देर रात टूटा नारायणी नदी का बांध, कई गांवों में घुसा पानी, राहत-बचाव शुरू
पानी का स्तर घटने के कारण नदी में कटान बढ़ी और सिपेज की वजह से तटबंध टूट गया

कुशीनगर में सोमवार रात नारायणी नदी पर ततवा टोला के पास तटबंध टूट गया। इसके बाद आसपास के कई गांवों में पानी भर गया और लोगों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राहत और बचाव का काम तेज करने के निर्देश दिए। बांध टूटने से पहले ही लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था, इसलिए अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन व राहत टीमों को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कैसे टूटा बांध

रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर 2 लाख 54 हजार क्यूसेक रह गया। जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान बढ़ गई, जिसके चलते सिपेज के कारण तटबंध टूटने की घटना हुई। तटबंध टूटने से करीब एक दर्जन गांव प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को मौके पर भेजकर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया है। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल के कमिश्नर, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान में तेजी लाने और प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

 

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