मुंबई की धारावी की तस्वीर बदलने वाली है। अब लोगों के लिए धारावी के रीडेवलपमेंट की योजना को समझना पहले से ज्यादा आसान होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को 22,500 वर्ग फुट में बने ‘धारावी एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस सेंटर में प्रस्तावित नए घरों के मॉडल, कामकाज के लिए जगह, सड़कें, परिवहन व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल, पार्क और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी दी गई है। इससे लोग रीडेवलपमेंट की योजना को आसानी से समझ सकते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी से जुड़ी एक खास एंथम भी जारी की और एक कॉफी-टेबल बुक भी जारी किया। इस किताब में धारावी के पुराने इतिहास, संस्कृति और लोगों की खास पहचान को हाईलाइट किया गया है। धारावी मुंबई का एक महत्वपूर्ण इलाका है और एशिया की सबसे बड़ी इनफॉर्मल बस्तियों में से एक है। गांधी जयंती पर शुरू किए गए इस एक्सपीरियंस सेंटर में धारावी में बनने वाले नए घरों के मॉडल दिखाए गए हैं।इस सेंटर में रीडेवलपमेंट के बाद पूरी धारावी कैसी दिखेगी इसे 3डी मॉडल के जरिए दिखाया जाएगा। यहां 350 और 500 वर्ग फुट के नए घरों के मॉडल दिखाए गए हैं, ताकि लोग उनकी जगह और बनावट समझ सकें। धारावी में दस लाख से ज्यादा लोग रहते हैं।
अडानी ग्रुप की धारावी रीडेवलपमेंट योजना में करीब 600 एकड़ के इलाके को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें नए घर, बेहतर दुकानें और कारोबार की जगह, स्कूल, अस्पताल, बेहतर परिवहन, पार्क और खुले स्थान शामिल हैं। साथ ही मीठी नदी को साफ करने और करीब 3.3 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट को विकसित करने की भी योजना है। वहीं एक्सपीरियंस सेंटर में लोगों को धारावी के प्रस्तावित नए स्वरूप की जानकारी आसान और रोचक तरीके से दी जा रही है।
धारावी के पुराने इतिहास, यहां चलने वाले कारोबार और छोटे उद्योगों को भी खास जगह दी गई है। धारावी के इतिहास और कारोबार को ध्यान में रखते हुए योजना में मौजूदा रोजगार को बनाए रखने, करीब 40 हजार पेड़ लगाने और नए पार्क व सार्वजनिक जगहें बनाने का प्रस्ताव है।
डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव मॉडल के जरिए आने वाले समय में इलाके में किस तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी ये दिखाया जाएगा। इसमें नए आवासीय भवनों के साथ सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, स्कूल, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थल और लोगों के लिए सामुदायिक स्थान शामिल हैं। एक्सपीरियंस सेंटर में आने वाले लोग प्रस्तावित घरों के सजे हुए और खाली दोनों तरह के मॉडल देख सकते हैं, जिससे उन्हें घर की बनावट और जगह के इस्तेमाल का बेहतर अंदाजा मिल सके। सेंटर में स्थानीय निवासियों को सर्वे, पात्रता, जरूरी कागजात और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी।