मुंबई। महाराष्ट्र में छोटे बच्चों के फॉर्मूला मिल्क और बेबी फूड को लेकर अब नियम सख्त हो गए हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मंगलवार को आदेश जारी किया। जिसका मकसद बच्चों के खाने की क्वालिटी बेहतर रखना और माता-पिता को सही जानकारी देना है। इसके लिए FDA ने बेबी फूड की पैकेजिंग, विज्ञापन और प्रमोशन को लेकर कई नियम बनाए हैं।
लेबल से लेकर खराब प्रोडक्ट तक जारी हुए नए नियम
नए नियमों के तहत फॉर्मूला मिल्क और बेबी फूड के प्रमोशन पर रोक रहेगी। कंपनियां इनके विज्ञापन, फ्री सैंपल, गिफ्ट, कूपन या कैशबैक नहीं दे सकेंगी। सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर के जरिए भी प्रमोशन की परमिशन नहीं होगी। साथ ही मेडिकल कार्यक्रम या रिसर्च के नाम पर डॉक्टरों और हॉस्पिटल्स को स्पॉन्सरशिप, गिफ्ट या दूसरी सुविधाएं देने पर भी रोक रहेगी।
नियम तोड़ने पर भरना होगा इतना जुर्माना
लागू होंगे नियम, नहीं माने तो कार्रवाई
FDA के नए नियम फॉर्मूला मिल्क, फॉलो-अप फॉर्मूला, बेबी फूड और फीडिंग बॉटल समेत बच्चों के कई प्रोडक्ट्स पर लागू होंगे। इन नियमों में कंपनियों के साथ इंपोर्टर, डिस्ट्रीब्यूटर, दुकानदार, फार्मेसी, अस्पताल सप्लायर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी आएंगे। तुकाराम मुंढे ने कहा कि दो साल से कम उम्र के बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं। इसलिए माता-पिता को प्रोडक्ट की सही जानकारी और साफ लेबल मिलना जरूरी है।
महाराष्ट्र FDA ने फूड सेफ्टी को लेकर दूसरी कार्रवाई भी की है। बुलढाणा के खामगांव में करीब 3.51 करोड़ रुपये का रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया। वहीं मुंबई-नासिक रूट पर पालघर से कसारा घाट के बीच करीब 1.26 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित गुटखा भी पकड़ा गया।