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महाराष्ट्र में 1972 से भी ज्यादा गंभीर सूखे की आशंका, सोलापुर में सिर्फ 48.65% बारिश, किसानों पर कितना बड़ा संकट?

सोलापुर में औसत बारिश की सिर्फ करीब 50% बारिश हुई है, जिससे जिले में खरीफ की ज्यादातर फसलें खराब हो गई हैं। बार्शी और धनौरे इलाके में 90 हजार हेक्टेयर में लगी सोयाबीन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

Roopali Sharmaअपडेटेड Sep 24, 2026 पर 11:55 AM
महाराष्ट्र में 1972 से भी ज्यादा गंभीर सूखे की आशंका, सोलापुर में सिर्फ 48.65% बारिश, किसानों पर कितना बड़ा संकट?
सोलापुर में बारिश ने तोड़ा 50 साल का रिकॉर्ड, सूखे की चपेट में महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले पर सूखे का बड़ा संकट मंडरा रहा है। जिले में इस बार औसत बारिश का सिर्फ 50% ही बरसा है, जिससे खेतों में दरारें पड़ गई हैं। हालात का जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 23 सितंबर को सोलापुर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने दौरा करने के बाद कहा कि मौजूदा हालात 1972 के ऐतिहासिक सूखे से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। सोलापुर इस समय राज्य का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बन गया है।

जिले में औसत बारिश का सिर्फ करीब 50 फीसदी पानी ही बरसा है। इसकी वजह से खरीफ की सभी फसलों को नुकसान हुआ है। बार्शी और धनोर इलाके में करीब 90 हजार हेक्टेयर में लगी सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो गई है, जबकि कई चीनी उत्पादक इलाकों में गन्ने की फसल रुक गई है।

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